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दुर्ग में सूअरों पर बरसा कहर, 450 की मौत के बाद पशुपालन विभाग में हड़कंप, क्या है कारण?

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में अफ्रीकी स्वाइन फीवर का तांडव देखने को मिला है। 300 सूअरों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई है जिसके बाद पशुपालन विभाग में हड़कंप मच गया है। संक्रमण रोकने के लिए 'किलिंग ऑपरेशन में भी 150 जीवित सूअरों को जहरीला इंजेक्शन दिया गया है।

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Image Source : PEXELS सांकेतिक फोटो।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले मे अफ्रीकी स्वाइन फीवर ने कहर बरपा दिया है। जिले के ग्राम मुड़पार-नारधा स्थित एक सूअर फार्म में इस घातक बीमारी के चलते अब तक 450 सूअरों की मौत हो चुकी है। इस पूरे मामले में पशुपालन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, सबसे पहले फार्म में सूअरों की अचानक तबीयत बिगड़ने और मौत होने का सिलसिला शुरू हुआ। जांच के लिए सैंपल भेजे गए, जहां अफ्रीकी स्वाइन फीवर की पुष्टि हुई। इसके बाद प्रशासन और पशुपालन विभाग तुरंत हरकत में आया।

150 सूअरों को जहरीला इंजेक्शन देना पड़ा

संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए “किलिंग ऑपरेशन” चलाया गया, जिसके तहत करीब 150 जीवित सूअरों को जहरीला इंजेक्शन देकर मारना पड़ा। इसके बाद सभी मृत सूअरों को तय प्रोटोकॉल के तहत गड्ढे में दफनाया गया, ताकि वायरस का फैलाव रोका जा सके। इस दौरान डॉक्टरों और कर्मचारियों ने पूरी सावधानी बरतते हुए PPE किट पहनकर ऑपरेशन को अंजाम दिया। फार्म को पूरी तरह सील कर दिया गया है और वहां किसी भी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।

इंसानों के लिए खतरनाक नहीं है स्वाइन फीवर

इस घटना से फार्म संचालक को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है कि करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये का व्यवसाय पूरी तरह बर्बाद हो गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अफ्रीकी स्वाइन फीवर इंसानों के लिए खतरनाक नहीं माना जाता, लेकिन यह सूअरों के लिए बेहद घातक बीमारी है, जिससे तेजी से मौत होती है। फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

सूअरों को प्रोटोकॉल के साथ दफन किया गया

जानकारी के मुताबिक, अफ्रीकी स्वाइन फीवर से इंसानों को कोई खतरा नहीं है, लेकिन स्वाइन फीवर की पुष्टि के बाद भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। 450 सूअरों की मौत के बाद फार्म को अगले आदेश तक के लिए सील कर दिया गया है। पीपीई किट पहनकर डॉक्टर मौत के बाड़े में उतरे और सूअरों को प्रोटोकॉल के साथ दफन कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, इस दौरान 1.20 करोड़ रुपये का व्यवसाय बर्बाद हुआ है।  (रिपोर्ट: सिकंदर खान)

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