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'जो मूर्ति पूजा और धार्मिक परंपरा को नहीं मानते, वो गरबा से दूर रहें', छ्त्तीसगढ़ के मंत्री राजेश अग्रवाल का बयान

नवरात्री के दौरान गरबा कार्यक्रम को लेकर छ्त्तीसगढ़ के मंत्री राजेश अग्रवाल का बड़ा बयान सामने आया है। मंत्री ने कहा है कि जो लोग मूर्ति पूजा और धार्मिक परंपरा को नहीं मानते, उन्हें गरबा से दूर रहना चाहिए।

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Image Source : REPORTER/ANI गरबा कार्यक्रम को लेकर मंत्री राजेश अग्रवाल का बयान।

नवरात्रि के दौरान होने वाले डांडिया और गरबा कार्यक्रमों को लेकर छत्तीसगढ़ के पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के बयान के बाद राज्य में सियासत गरमा गई है। मंत्री राजेश अग्रवाल ने वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉक्टर सलीम राज के बयान का समर्थन करते हुए कहा है कि गरबा और डांडिया दुर्गा माता की आराधना से जुड़ा धार्मिक आयोजन है। मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि जो लोग मूर्ति पूजा और इस धार्मिक परंपरा को नहीं मानते, उन्हें गरबा-डांडिया जैसे आयोजनों से दूरी बनानी चाहिए।

पहचान छिपाने वालों पर होगी कार्रवाई- मंत्री

छत्तीसगढ़ के पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि अगर किसी को गरबा में जाने का शौक है, तो वह अपने परिवार के साथ जाए। मंत्री ने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपनी पहचान छिपाकर या नाम बदलकर गरबा कार्यक्रम में जाता है, तो उसके खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। राजेश अग्रवाल ने कहा कि कुछ लोगों की वजह से पूरे समाज को बदनाम नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने आपसी वैमनस्यता नहीं फैलाने की अपील करते हुए कहा कि जो लोग दुर्गा माता की आराधना नहीं करते या धर्म को नहीं मानते, उन्हें गरबा कार्यक्रम में नहीं जाना चाहिए।

वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने क्या कहा?

वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने कहा था कि "मुस्लिमों को गरबा स्थल नहीं जाना चाहिए क्योंकि उनकी आस्था नहीं है और जब आस्था नहीं है तो यह कोई पर्यटन स्थल नहीं है। और अगर जाना चाहते हैं तो मूर्ति पूजा करें, गंगा जल ग्रहण करें, कलावा बांधे और अपनी बहन बेटियों के साथ गरबा करें। आपको दूसरे की बहन-बेटियों के साथ गरबा खेलने का अधिकार नहीं है। अपनी बहन-बेटियों को आप परदे में रख रहे हैं और दूसरे की बहन बेटियों को प्रेम जाल में फंसाया जाता है, विवाह कर लिया जाता है। विवाह के बाद धर्मांतरण कराया जाता है और जब धर्मांतरण नहीं होता तो उन्हें छोड़ दिया जाता है जिससे हमारी बहन-बेटियों की जिंदगी नर्क से भी खराब हो जाती है।"

दूसरी ओर रायपुर के काजी मौलाना सैयद अशरफ जिलानी ने भी मुस्लिम समाज के लोगों से नवरात्रि के गरबा कार्यक्रमों में शामिल नहीं होने की अपील की है। वहीं, प्रशासन और आयोजकों की ओर से इस मामले में अब क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर सभी की नजर है। (रिपोर्ट: सिकंदर खान)

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