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बस्तर पंडुम के 6.14 करोड़ के खर्च पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा- गड़बड़ी मिली तो होगी जांच

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बस्तर पंडुम महोत्सव में 6.14 करोड़ रुपये से ज्यादा का अनियमित खर्च हुआ। वहीं, उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी।

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव- India TV Hindi
Image Source : PTI छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव

छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने इस साल फरवरी में जगदलपुर में आयोजित 'बस्तर पंडुम' महोत्सव के दौरान हुए खर्च में भ्रष्टाचार और अनियमितता का आरोप लगाया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने दावा किया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी वाले इस आयोजन में टेंट, कुर्सियों और पंडाल समेत विभिन्न व्यवस्थाओं पर 6.14 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए।

दीपक बैज ने आरोप लगाया कि तीन दिवसीय आयोजन में फूलों की सजावट पर करीब 28 लाख रुपये और ग्रीन रूम तैयार करने पर 42 लाख रुपये खर्च किए गए। उन्होंने कहा कि इतनी राशि में स्थायी विश्राम स्थल बनाया जा सकता था।

कांग्रेस नेता के मुताबिक, कपड़े की साइड वॉल पर 44 लाख रुपये, कालीन पर 33 लाख रुपये और कुर्सी-टेबल पर 12.5 लाख रुपये खर्च किए गए। वहीं, एक दिन के लिए कलात्मक इंस्टॉलेशन पर 16.84 लाख रुपये और राष्ट्रपति के एक दिवसीय दौरे के दौरान स्वागत क्षेत्र तैयार करने पर 17.5 लाख रुपये खर्च किए जाने का दावा किया गया।

कांग्रेस बोली- राशि विकास कार्यों में खर्च की जा सकती थी

बैज ने कहा कि बस्तर के आदिवासी समुदायों के सामने आजीविका की चुनौतियां हैं और महुआ जैसे वनोपज का संग्रह उनकी आय का महत्वपूर्ण स्रोत है। ऐसे में संस्कृति के नाम पर कथित तौर पर किया गया फिजूलखर्ची वाला खर्च लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।

उन्होंने दावा किया कि 6.14 करोड़ रुपये से बारिश में क्षतिग्रस्त कई पुल, पुलिया और सड़कों की मरम्मत कराई जा सकती थी। कांग्रेस ने सरकार पर बस्तर पंडुम को आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के बजाय प्रचार का माध्यम बनाने का भी आरोप लगाया।

डिप्टी सीएम अरुण साव ने आरोपों को बताया राजनीतिक

कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए उपमुख्यमंत्री और लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री अरुण साव ने कहा कि बस्तर पंडुम का आयोजन बस्तर की संस्कृति को देश-दुनिया के मंच पर पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया था। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक बताया। साव ने कहा कि यदि खर्च में अनियमितता को लेकर कोई शिकायत मिलती है तो सरकार उसकी जांच कराएगी। उनके मुताबिक, सरकारी कार्यों के खर्च और बिलों की अलग-अलग स्तरों पर जांच होती है और जांच के बाद ही भुगतान मंजूर किया जाता है।

ठेकेदार के 30 फीसदी बिल का भुगतान रोका गया

जगदलपुर के PWD कार्यपालन अभियंता भावेश सिंह ने बताया कि बस्तर पंडुम से जुड़े कार्य करने वाले एक ठेकेदार की ओर से प्रस्तुत बिल का फिलहाल 70 फीसदी भुगतान ही किया गया है। शेष 30 फीसदी भुगतान रोक दिया गया है। हालांकि, यह पूछे जाने पर कि क्या 30 फीसदी भुगतान कथित अनियमितता के संदेह के चलते रोका गया है, सिंह ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

तीन दिन चला था बस्तर पंडुम

बस्तर की समृद्ध जनजातीय परंपराओं, लोक कलाओं, जीवनशैली और स्थानीय व्यंजनों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने के उद्देश्य से 7 से 9 फरवरी तक जगदलपुर में बस्तर पंडुम का आयोजन किया गया था। इसमें बस्तर संभाग के सभी सात जिलों के कलाकारों ने हिस्सा लिया। महोत्सव में जनजातीय नृत्य, लोकगीत, संगीत, पारंपरिक हस्तशिल्प, वेशभूषा, आभूषण, स्थानीय व्यंजन और पारंपरिक वाद्य यंत्रों से जुड़ी प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया था, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समापन समारोह में शामिल हुए थे।

(इनपुट- PTI)

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