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10 हजार रुपये के लिए बिक गया अधिकारी, ACB ने रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथ पकड़ा

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में ACB ने कोंटा के खंड शिक्षा अधिकारी चंद्र कुमार यारदा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि उसने एक महिला कर्मचारी के करीब 16 लाख रुपये के बकाया एरियर के भुगतान के बदले 5 प्रतिशत कमीशन मांगा था।

Sukma ACB Trap, Chhattisgarh Bribery Case, BEO Bribe Case- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV REPRESENTATIONAL सुकमा में BEO को रिश्वत लेते हुए एसीबी ने गिरफ्तार किया है।

Highlights

  • 16 लाख के एरियर भुगतान के बदले 5 फीसदी रिश्वत मांगने वाला BEO गिरफ्तार हुआ।
  • ACB ने 10 हजार रुपये की पहली किस्त लेते अधिकारी को रंगे हाथ पकड़ा।
  • कोंटा BEO के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।

सुकमा: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी कि ACB ने एक खंड शिक्षा अधिकारी को कथित तौर पर रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी पर एक महिला कर्मचारी के 16 लाख रुपये के बकाया वेतन या एरियर का भुगतान कराने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। आरोपी की पहचान चंद्र कुमार यारदा के रूप में हुई है, जो सुकमा के कोंटा में खंड शिक्षा अधिकारी के पद पर तैनात है। ACB के एक अधिकारी ने बताया कि यारदा को बुधवार को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया।

पत्नी के 16 लाख रुपये के एरियर का मामला

सुकमा के मिसमा गांव निवासी कवासी मंगल राम ने जगदलपुर स्थित ACB कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, उनकी पत्नी कवासी सुशीला डूब्बाटोटा स्थित कन्या आश्रम में अधीक्षिका के पद पर तैनात हैं। कन्या आश्रम सरकार द्वारा संचालित लड़कियों का आवासीय विद्यालय है। सुशीला के वेतनमान का निर्धारण होने के बाद उन्हें करीब 16 लाख रुपये की बकाया राशि मिलनी थी। बताया जा रहा है कि इसी रकम के भुगतान को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी या BEO ने रिश्वत मांगी थी।

अधिकारी ने मांगा कुल पैसे का 5 प्रतिशत

मंगल राम के मुताबिक, जब उन्होंने इस बकाया राशि के भुगतान को लेकर कोंटा के BEO चंद्र कुमार यारदा से संपर्क किया, तो अधिकारी ने कथित तौर पर भुगतान कराने के बदले कुल एरियर का 5 प्रतिशत कमीशन मांगा। इस हिसाब से रिश्वत की रकम करीब 80 हजार रुपये बनती थी। शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले का सत्यापन किया। अधिकारियों के मुताबिक, सत्यापन के दौरान आरोपी अधिकारी पहली किस्त के तौर पर 10 हजार रुपये लेने के लिए तैयार हो गया। इसके बाद ACB ने जाल बिछाया।

ACB के जाल में बुरी तरह फंस गया BEO

बुधवार को जब चंद्र कुमार यारदा ने शिकायतकर्ता कवासी मंगल राम से 10 हजार रुपये लिए, तभी ACB की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। ACB ने आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई से एक बार फिर सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने के मामले का पर्दाफाश हुआ और रिश्वतखोर अधिकारी कानून के शिकंजे में आया। बता दें कि पिछले साल भी ACB ने एक लिपिक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था

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