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असिस्टेंट DGFT को 30 हजार रुपये की रिश्वत पड़ी भारी, CBI ने जाल बिछाकर रंगे हाथ दबोचा

 Written By: Vineet Kumar Singh
 Published : Aug 19, 2026 11:36 pm IST,  Updated : Aug 19, 2026 11:36 pm IST

CBI ने हरियाणा के पानीपत में असिस्टेंट DGFT हेमलता हेडाऊ को कथित तौर पर 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। आरोप है कि EPCG ऑथराइजेशन फाइल आगे बढ़ाने और कमी दूर करने के बदले रिश्वत मांगी गई थी। CBI ने ट्रैप ऑपरेशन के बाद गिरफ्तारी की और घर-दफ्तर की तलाशी शुरू की।

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CBI ने पानीपत में असिस्टेंट DGFT को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। Image Source : PTI REPRESENTATIONAL

Highlights

  • पानीपत में CBI ने असिस्टेंट डीजीएफटी को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
  • EPCG फाइल की कमी दूर करने और प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप।
  • CBI ने आरोपी के घर और दफ्तर में तलाशी भी शुरू की, मामले की जांच जारी।

पानीपत: केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी कि CBI ने हरियाणा के पानीपत में तैनात असिस्टेंट डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (Assistant DGFT) हेमलता हेडाऊ को कथित तौर पर 30 हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया है। हेमलता हेडाऊ पानीपत स्थित ज्वाइंट डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) के कार्यालय में तैनात थीं। CBI के मुताबिक, इस मामले में 19 अगस्त 2026 को केस दर्ज किया गया। आरोप है कि अधिकारी ने शिकायतकर्ता के क्लाइंट की एक्सपोर्ट प्रमोशन कैपिटल गुड्स यानी कि EPCG ऑथराइजेशन फाइल को आगे बढ़ाने और उसमें दर्ज कमी को दूर करने के लिए 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।

30 हजार की रिश्वत के लिए CBI ने बिछाया जाल

मामले की जानकारी मिलने के बाद CBI ने 19 अगस्त को ट्रैप ऑपरेशन किया और हेमलता हेडाऊ को शिकायतकर्ता से कथित तौर पर 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगते और स्वीकार करते हुए पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी अधिकारी को अब पंचकूला की नामित CBI अदालत में पेश किया जाएगा। CBI ने आरोपी के घर और दफ्तर में तलाशी भी शुरू कर दी है। एजेंसी का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है। EPCG एक ऐसी व्यवस्था है, जिसके तहत निर्यात से जुड़े कारोबारी और कंपनियां तय नियमों के तहत पूंजीगत सामान के आयात से जुड़ी अनुमति ले सकती हैं। CBI के मुताबिक, इसी से जुड़ी एक फाइल में दर्ज कमी को दूर करने और प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले असिस्टेंट DGFT पर 30 हजार रुपये मांगने का आरोप है।

रेलवे के सीनियर अधिकारी पर भी रिश्वत का केस

CBI ने इससे पहले भी रिश्वत के एक मामले में इंडियन रेलवे सर्विस ऑफ मैकेनिकल इंजीनियर्स यानी कि IRSME के एक अधिकारी को गिरफ्तार किया था। आरोपी अधिकारी साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे (SECR), भिलाई में सीनियर डिविजनल मैकेनिकल इंजीनियर (DME) के पद पर काम कर रहा था। CBI ने इस मामले में 13 अगस्त को केस दर्ज किया था। आरोप था कि अधिकारी ने शिकायतकर्ता के लंबित बिलों को मंजूरी देने के बदले 2 लाख रुपये की अवैध रकम मांगी थी। बातचीत के बाद अधिकारी कथित तौर पर 1 लाख रुपये की रिश्वत लेने पर सहमत हो गया।

50 हजार लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था अधिकारी

CBI ने 13 अगस्त को ट्रैप ऑपरेशन किया था। जांच एजेंसी के मुताबिक, सीनियर DME को शिकायतकर्ता से मांगी गई रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 50 हजार रुपये स्वीकार करते हुए पकड़ा गया। आरोप है कि यह रकम एक बिचौलिए के जरिए ली गई थी। बिचौलिए ने अधिकारी के निर्देश पर शिकायतकर्ता से पैसे लिए थे। इसके बाद CBI ने आरोपी अधिकारी के रायपुर और भिलाई स्थित घर और दफ्तर में तलाशी ली। CBI के मुताबिक, तलाशी के दौरान करीब 77 लाख रुपये नकद बरामद हुए। इसके अलावा लगभग 14 लाख रुपये कीमत के आभूषण भी मिले। इस मामले में आरोपी सीनियर DME को 14 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। (ANI से इनपुट्स के साथ)

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