नई दिल्ली: इंटरनेशनल गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई भारत पहुंच गया है और अब उसे लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना होगा। सबसे पहले NIA उसकी कस्टडी लेगी, क्योंकि अनमोल पर एजेंसी ने 10 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था और वह ऑर्गनाइज्ड क्राइम सिंडिकेट केस में वांटेड भी है। बता दें कि अनमोल बिश्नोई पर भारत के कई राज्यों में केस दर्ज हैं। इस खबर में देखते हैं कि NIA के अलावा किस राज्य की पुलिस अनमोल बिश्नोई से किस-किस केस में पूछताछ करेगी। अनमोल किस राज्य की पुलिस के पास पहले जाएगा और किसके पास बाद में।
NIA के बाद दिल्ली पुलिस लेगी कस्टडी
NIA की कस्टडी खत्म होने के बाद मामला दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के पास पहुंचेगा। साल 2023 में दिल्ली के सनलाइट कॉलोनी में एक बिजनेसमैन से करोड़ों की वसूली के लिए अनमोल ने खुद धमकी भरा फोन किया था और उसके घर के बाहर फायरिंग भी करवाई थी। यह केस आरके पुरम यूनिट ने दर्ज किया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल भी अनमोल को अपनी कस्टडी में लेगी।
मुंबई-पंजाब पुलिस को कब मिलेगा मौका?
फिर मुंबई, पंजाब और राजस्थान पुलिस भी लाइन में हैं। मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में अनमोल को अपने साथ ले जाएगी। चार्जशीट में साफ लिखा है कि पूरी प्लानिंग, शूटर्स, हथियारों का इंतजाम, सब अनमोल ने ही किया था। वहीं, पंजाब पुलिस भी सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में अनमोल को अपने राज्य लेकर जाएगी। फिर राजस्थान पुलिस की FIR भी अनमोल पर दर्ज है और वहां उस पर 1 लाख रुपये का इनाम था। कुल मिलाकर, 20 से ज्यादा मामले अनमोल पर दर्ज हैं।
लॉरेंस का सबसे बड़ा राजदार है अनमोल
गौरतलब है कि लॉरेंस बिश्नोई का सबसे बड़ा राजदार भी पकड़ा गया है। अनमोल सिर्फ बदमाश नहीं, बल्कि अपने बड़े भाई लॉरेंस बिश्नोई का दाहिना हाथ और क्राइम सिंडिकेट का असली उत्तराधिकारी माना जाता है। अब एजेंसियां यह भी तय करेंगी कि उसे आखिर कहां रखा जाएगा। तिहाड़ जेल या फिर उसके भाई की तरह गुजरात की साबरमती जेल में।
लॉरेंस बिश्नोई क्राइम कंपनी: 13 राज्यों में फैला नेटवर्क
लॉरेंस का गैंग इन राज्यों में फैला हुआ है। इनके नाम दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, चंडीगढ़, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात हैं।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का इंटरनेशनल नेटवर्क
वहीं, लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नेटवर्क देश के बाहर भी है। उनका गैंग कनाडा, अमेरिका, पुर्तगाल, दुबई, अजरबैजान, फिलीपींस और लंदन तक पैर जमा चुका है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का वर्चुअल मॉडल
जान लें कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के पास करीब 1 हजार सदस्य हैं। इसमें शूटर, सप्लायर, रेकी करने वाले, सोशल मीडिया टीम और शेल्टर देने वाले आदि शामिल हैं। हर ऑपरेशन में अलग-अलग टास्क होते हैं। शूटर्स की एक-दूसरे से पहचान भी नहीं होती है। पूरा ऑपरेशन सिग्नल ऐप और वर्चुअल नंबरों से चलता है। लॉरेंस खुद हर मेंबर को नहीं जानता लेकिन आर्थिक मदद देकर गैंग जोड़कर रखता है।
गैंगवार: गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा दुश्मन नंबर-1
गोल्डी बराड़ (पंजाब) और रोहित गोदारा (राजस्थान) लॉरेंस–अनमोल के सबसे बड़े दुश्मन हैं। हाल में दुबई में गोदारा ने लॉरेंस गैंग के एक फाइनेंसर की हत्या करवाई, जिससे दोनों गैंगों की दुश्मनी खुलकर सामने आ गई।
भारत में अनमोल की राह आसान नहीं
अनमोल को जब अलग-अलग राज्यों की कस्टडी के बाद जेल भेजा जाएगा, तब सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि उसे तिहाड़ जेल भेजा जाएगा या साबरमती जेल, जहां उसका भाई लॉरेंस बंद है? क्योंकि विरोधी गैंग के लोग कई जेलों में पहले से मौजूद हैं और अनमोल के लिए भी बड़ा खतरा बने रहेंगे।
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