बिना पूछे बैग छूने से टोका तो पत्थर से मार-मारकर कर दिया खून से लथपथ, मुंबई में सहमाने वाली वारदात!
ना पुरानी दुश्मनी, ना कोई रंजिश... सिर्फ एक कपड़ों के बैग के लिए मुंबई में युवक की निर्मम हत्या कर दी गई है। आरोपी ने पत्थर से मार-मारकर सूरज का सिर कुचल डाला।

मुंबई के गोरेगांव इलाके में एक बेहद ही मामूली बात पर एक 26 वर्षीय युवक की बेरहमी से हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। महज कपड़ों का एक बैग बिना पूछे लेने पर हुए विवाद में एक व्यक्ति ने युवक के चेहरे और सिर पर फर्श के टुकड़े पत्थर से वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। गोरेगांव पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
मृतक की पहचान 26 वर्षीय सूरज शंकर ढोले के रूप में हुई है। सूरज गोरेगांव (पश्चिम) में एस.वी. रोड पर जानवरों की देखभाल का काम करता था और वहीं हनुमान मंदिर के सामने फुटपाथ पर रहता था। उसके पिता, 53 वर्षीय शंकर राघोजी ढोले, जो हाउसकीपिंग का काम करते हैं और मीरा रोड (ठाणे) में रहते हैं, उन्होंने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है।
आरोपी की पहचान 37 वर्षीय बाबासाहेब उर्फ सुबोध भीमराव वाघमारे के रूप में हुई है, वह भी जानवरों की देखभाल करता है और गोरेगांव पश्चिम में ही सीएसबी बैंक के सामने फुटपाथ पर रहता है।
घटना वाली रात आखिर हुआ क्या था?
एफआईआर में दर्ज जानकारी और मृतक के एक दोस्त और चश्मदीद सुनील अंबिकाप्रसाद पांडे के बयान के अनुसार, यह घटना 8 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे की है। एफआईआर की कॉपी में दर्ज जानकारी और चश्मदीद गवाह के बयान के अनुसार, हत्या की मुख्य वजह बिना अनुमति के पर्सनल सामान कपड़ों का बैग लेना और उसका इस्तेमाल करना था। एस.वी. रोड पर 'किंग्स स्टूडियो' और 'उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस' के सामने फुटपाथ पर सूरज और आरोपी बाबासाहेब के बीच तीखी बहस हो रही थी।
कपड़ों का बैग बना विवाद की जड़
विवाद की जड़ सूरज के कपड़ों का एक बैग था। दरअसल, बाबासाहेब ने बिना अनुमति के सूरज के कपड़ों का बैग ले लिया था, जिसे सूरज वापस मांग रहा था और पूछ रहा था कि उसने बिना पूछे बैग क्यों लिया। एफआईआर में चश्मदीद गवाह सुनील अंबिकाप्रसाद पांडे के बयान के मुताबिक, बाबासाहेब अक्सर सूरज यानी मृतक के कपड़े और अन्य निजी सामान बिना उससे पूछे इस्तेमाल किया करता था। 8 सितंबर 2026 की रात को भी यही हुआ। आरोपी बाबासाहेब ने सूरज के कपड़ों का बैग बिना उसकी अनुमति के ले लिया था। जब सूरज को यह बात पता चली, तो उसने बाबासाहेब से अपना बैग वापस मांगा और सवाल किया कि उसने बिना पूछे उसका बैग क्यों लिया।
सामान छूने पर फूटा सूरज का गुस्सा
अपना निजी सामान बार-बार बिना पूछे इस्तेमाल किए जाने और उस रात बैग ले जाने की बात पर सूरज को बहुत तेज गुस्सा आ गया। जब बाबासाहेब ने उसकी बात को अनसुना किया या ठीक से जवाब नहीं दिया, तो गुस्से में आकर सूरज ने बाबासाहेब को अपशब्द कहना शुरू कर दिया।
गाली-गलौज से मर्डर तक पहुंचा विवाद
पर्सनल सामान को लेकर शुरू हुआ यह विवाद जल्द ही हिंसक हो गया। सूरज के अपशब्दों के जवाब में आरोपी बाबासाहेब ने भी बुरा-भला कहा और फिर दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। इसी दौरान, तैश में आकर बाबासाहेब ने पास पड़े फर्श के एक भारी टुकड़े टाइल/पत्थर को उठाया और सूरज के चेहरे व सिर पर दे मारा, जिससे अत्यधिक खून बहने के कारण सूरज की मौत हो गई।
सूरज को खून से लथपथ देख भागा आरोपी
एफआईआर से साफ होता है कि इस हत्याकांड की जड़ कोई पुरानी बड़ी दुश्मनी नहीं थी, बल्कि एक-दूसरे का निजी सामान बिना पूछे छूने और ले जाने से उपजा अचानक का गुस्सा और विवाद ही इस हत्या का मुख्य कारण बना। इस हमले से सूरज बुरी तरह घायल हो गया और उसके सिर और चेहरे से भारी मात्रा में खून बहने लगा। वह खून से लथपथ होकर वहीं फुटपाथ पर गिर पड़ा। सूरज की यह गंभीर हालत देखकर आरोपी बाबासाहेब वहां से घबराकर भाग निकला। बाद में सिर पर लगी गंभीर चोटों और अत्यधिक खून बहने के कारण सूरज की दर्दनाक मौत हो गई।
पुलिस ने मृतक के पिता को दी सूचना
अगले दिन, 9 सितंबर 2026 की सुबह करीब 10:50 बजे, गोरेगांव पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर ने सूरज के पिता शंकर ढोले को फोन करके इस दुखद घटना की सूचना दी। बदहवास पिता तुरंत गोरेगांव पुलिस स्टेशन पहुंचे, जहां पुलिस और मृतक के दोस्त सुनील से उन्हें घटना की पूरी जानकारी मिली।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज की FIR
अब पिता शंकर ढोले की शिकायत पर, गोरेगांव पुलिस ने आरोपी बाबासाहेब उर्फ सुबोध वाघमारे के खिलाफ BNS की धारा 103(1) (हत्या), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), और 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) के तहत FIR दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। इससे पहले हाल ही में पुणे में शख्स ने पत्नी के प्रेमी की चाकू घोंपकर हत्या कर दी थी।
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