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प्रदूषण कम करने के लिए CAQM के 3 बड़े फैसले, दिल्ली NCR में PUC के बिना नहीं मिलेगा तेल

दिल्ली में सिर्फ इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन होगा। वहीं, वाहनों को प्रदूषण सर्टिफेकेट कि बिना पेट्रोल पंप पर तेल नहीं दिया जाएगा।

PUC- India TV Hindi
Image Source : PTI पीयूसी की जांच करते कर्मचारी

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को कम करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने तीन बड़े अहम फैसले लिए हैं। अब बिना वैध प्रदूषण सर्टिफिकेट (PUC) वाले वाहनों को पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा। यह “नो पीयूसी, नो फ्यूल” नियम 1 अक्टूबर 2026 से दिल्ली एनसीआर में लागू होगा। पहले यह नियम केवल दिल्ली में लागू था, लेकिन अब इसे पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सख्ती से लागू किया जाएगा। 

दिल्ली-एनसीआर के पेट्रोल पंपों पर एएनपीआर कैमरों के जरिए वाहनों की प्रदूषण सर्टिफिकेट की जांच की जाएगी, जिससे नंबर स्कैन होते ही पता चल जाएगा कि वाहन का प्रदूषण सर्टिफिकेट वैध है या नहीं।

इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने आदेश दिया है कि दिल्ली एनसीआर में सिर्फ एल-5 इलेक्ट्रिक 3-व्हीलर ही रजिस्टर होंगे। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में इलेक्ट्रिक ऑटो और माल ढोने वाली गाड़ियों को बढ़ावा दिया जाएगा। दिल्ली में 2027 से सिर्फ इलेक्ट्रिक 3 व्हीलर का रजिस्ट्रेशन होगा। वहीं, 2028 से यह नियम उन सभी जिलों में लागू होगा, जहां वाहनों की संख्या ज्यादा है। एनसीआर में प्रदूषण रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। सीएक्यूएम ने इलेक्ट्रिक 3-व्हीलर जरूरी करने का फैसला किया है। हालांकि, इन सभी नियमों को तत्काल प्रभाव से लागू नहीं किया जा रहा है। इन्हें चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

ऑटो सेक्टर में होगा बदलाव

दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण की स्थिति बेहतर करने के लिए प्रशासन ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है, ताकि ठंड के मौसम में प्रदूषण बेकाबू न हो। इस वजह से दिल्ली एनसीआर में ऑटो सेक्टर में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब यहां इलेक्ट्रिक गाड़ियों को प्राथमिकता मिलेगी। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की नई गाइडलाइन के अनुसार इलेक्ट्रिक ऑटो पॉलिसी को धीरे-धीरे लागू किया जाएगा।

ठंड में गैस चेंबर बन जाती है दिल्ली

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर पूरे साल काफी ज्यादा रहता है, लेकिन खासकर ठंड के मौसम में परेशानी बढ़ जाती है। गर्मी के मौसम में तेज हवाओं के कारण प्रदूषण शहर से बाहर चला जाता है। तेज गर्मी से भी प्रदूषण फैलाने वाले कण ऊपर चले जाते हैं। वहीं, बरसात में पानी के साथ पूरा प्रदूषण नीचे आ जाता है और हवा पूरी तरह साफ हो जाती है, लेकिन ठंड के मौसम में प्रदूषण न तो ऊपर जा पाता है और न ही पानी के साथ नीचे आता है। इसी वजह से ठंड में दिल्ली का एक्यूआई 500 के पार चला जाता है, जिससे जमकर परेशानी होती है।

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