त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को तीन जगहों पर छापेमारी के दौरान 948.9 लीटर घी जब्त किया गया। भोगल, नजफगढ़ और शिव विहार में की गई इस कार्रवाई के दौरान घी के 15 नमूने भी जांच के लिए भेजे गए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि खाद्य सुरक्षा विभाग को आधुनिक तकनीक से लैस करने और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है, ताकि मिलावटखोरों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई की जा सके।
तीन जगहों पर छापेमारी, घी जब्त
दिल्ली सरकार ने खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बुधवार को भोगल मार्केट, नजफगढ़ मार्केट और शिव विहार में छापेमारी की। अधिकारियों के मुताबिक, भोगल से 389.9 लीटर, नजफगढ़ से 338 लीटर और शिव विहार से 221 लीटर घी जब्त किया गया। शिव विहार में दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई की गई।
भोगल और नजफगढ़ से घी के कुल 15 नमूने एकत्र किए गए और उन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग को मजबूत करने की तैयारी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार खाद्य सुरक्षा विभाग को आधुनिक तकनीक से लैस करने और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की योजना बना रही है। जरूरत पड़ने पर दूसरे विभागों के कर्मचारियों की भी मदद ली जा सकती है, ताकि निरीक्षण और मिलावट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी लाई जा सके।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मिलावट के खिलाफ अभियान केवल त्योहारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे साल जारी रहेगा। मिलावट में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी, चाहे वे किसी ब्रांडेड कंपनी से ही क्यों न जुड़े हों। खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों, मिलावट या एक्सपायरी उत्पादों की शिकायत खाद्य सुरक्षा विभाग की हेल्पलाइन 1800-11-3921 पर कार्यालय समय के दौरान की जा सकती है।
निहाल विहार में 402 किलो खाद्य पदार्थ नष्ट
इससे पहले दिल्ली सरकार के खाद्य सुरक्षा विभाग ने निहाल विहार में 13 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान करीब 402 किलो खाद्य पदार्थ नष्ट किए गए। इनमें 265 किलो रसगुल्ले, 45 किलो छेना, 80 किलो मिल्क केक और 12 किलो कद्दूकस किया हुआ नारियल शामिल था।
कार्रवाई के दौरान बिना लाइसेंस चल रही रसगुल्ला बनाने वाली इकाइयों, मिठाई निर्माताओं और मिठाई की दुकानों का निरीक्षण किया गया। टीमों ने जांच के लिए 14 नमूने भी एकत्र किए। इनमें छेना के छह, मिल्क केक और रसगुल्ले के दो-दो तथा मोतीचूर लड्डू, बेसन लड्डू, रसभरी और पनीर का एक-एक नमूना शामिल था।
विभाग के मुताबिक, 26 अगस्त को पहले की गई कार्रवाई के दौरान दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दी थीं और अधिकारी केवल तीन ठिकानों तक पहुंच पाए थे। इस बार छुट्टी के दिन अचानक छापेमारी की गई और अलग-अलग गलियों में एक साथ टीमें तैनात की गईं।
मोरी गेट में 520 किलो खोया और छेना नष्ट
मोरी गेट खोया मंडी में एक अलग कार्रवाई के दौरान अधिकारियों को 370 किलो खोया और 150 किलो छेना लावारिस हालत में मिला। इन खाद्य पदार्थों से दुर्गंध आ रही थी और वे खराब हो चुके थे। अधिकारियों ने मौके पर ही कुल 520 किलो खोया और छेना नष्ट कर दिया। जांच के लिए खोया के तीन नमूने भी लिए गए। विभाग ने बताया कि इससे पहले जन्माष्टमी के दौरान 4 सितंबर को इसी बाजार में करीब 3,050 किलो खोया और पनीर नष्ट किया गया था।
मिलावट करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, निरीक्षण और प्रयोगशाला जांच की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने कहा कि त्योहारी सीजन के दौरान भी निरीक्षण जारी रहेंगे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मिठाइयों की शुद्धता केवल कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा अहम मुद्दा है। उन्होंने कहा कि मिठाइयां हमारी परंपरा, आस्था और आपसी प्रेम का हिस्सा हैं। ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए लोगों की सेहत को खतरे में डालने वाले किसी भी कारोबारी को इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी।
(रिपोर्ट- ANI)
ये भी पढ़ेंः दिल्ली में करोड़ों के नशे का कारोबार बेनकाब, 3 नाइजीरियाई समेत 4 गिरफ्तार, 1.5 करोड़ रुपये के ड्रग्स बरामद