Malviya Nagar Fire: दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भयानक अग्निकांड में हुई 21 लोगों की मौत ने गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। होटल फ्लोरिश स्टे में रुके लोगों के लिए आग लगने के बाद वहां से बाहर निकलना लगभग असंभव था। इस घटना के चश्मदीद और होटल फ्लोरिश स्टे के ठीक सामने रहने वाले मंसूर ने इस भयावह घटना का आंखों देखा हाल बताया। मंसूर ने बताया कि कैसे होटल का इलेक्ट्रॉनिक गेट बंद होने की वजह से लोग अंदर ही फंस गए और फिर चौथी मंजिल पर फंसी विदेशी महिला गिरकर भी बच गई। मंसूर के अनुसार, वक्त रहते की गईं कोशिशों के कारण कई लोगों की जान बच सकी।
इलेक्ट्रॉनिक गेट ऑटोमैटिक हो गया लॉक
चश्मदीद मंसूर ने कहा,
'मेरा घर ठीक सामने है। सुबह करीब 8 बजे, हमें नीचे से आग लगने की खबर मिली। हम बाहर निकले और नीचे देखा तो होटल के अंदर से आवाजें आ रही थीं, वे हेल्प, हेल्प चिल्ला रहे थे। होटल की बिल्डिंग के मुख्य द्वार पर एक इलेक्ट्रॉनिक गेट था जो रात के वक्त ऑटोमैटिक लॉक हो जाता था।'
ग्राउंड फ्लोर पर आग लगने से फंसे लोग
मंसूर ने आगे कहा, 'आग लगने से बिजली चली गई, इसलिए गेट पूरी तरह से बंद हो गया था और खुल नहीं रहा था। इसकी वजह से बिल्डिंग से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था। आग ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल पर लगी थी, जिसके कारण दूसरे, तीसरे और चौथे फ्लोर पर रहने वाले लोग बुरी तरह से फंस गए थे। फिर, हमने ईंट-पत्थर नीचे से फेंके, जिससे होटल के शीशे टूट गए।'
गद्दे पर गिरकर बची विदेशी महिला
चश्मदीद मंसूर ने कहा, 'इसके बाद 2 लोग दूसरी मंजिल से कूदे और घायल हो गए। फिर हमने होटल के आस-पास गद्दे बिछा दिए। इस दौरान, चौथी मंजिल पर एक विदेशी महिला दिखी तो उसे बचाने के लिए लोगों ने सामने वाली बिल्डिंग से रस्सी डाली। फिर उस महिला ने रस्सी को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह फिसल गई। इसके बाद, वह गद्दों पर जा गिरी। गनीमत रही कि वह बच गई।'
पुलिस ने दर्ज किया गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने मालवीय नगर के होटल फ्लोरिश स्टे में आग लगने के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस होटल में तीन पार्टनर हैं। इन लोगों के कई अन्य होटल और गेस्ट हाउस भी दिल्ली में हैं।
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