नई दिल्ली: दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देशों के तहत, दिल्ली नगर निगम की पूरे दिल्ली में बिल्डिंग बायलॉज (निर्माण नियमों) के उल्लंघन के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है।
1 जून से आज तक, अनधिकृत निर्माण के खिलाफ शहर-व्यापी बड़े अभियान के तहत, दिल्ली नगर निगम ने 94 संपत्तियों को गिराने की कार्रवाई की और 114 संपत्तियों को सील किया है। दिल्ली नगर निगम ने आज ही पूरे दिल्ली में 12 संपत्तियों को गिराया और 79 पॉपर्टी को सील किया। इसमें से दक्षिणी दिल्ली में 21 संपत्तियों पर तोड़फोड़ और सीलिंग की कार्रवाई की गई है।
संपत्ति मालिकों को जारी हो रहे नोटिस
दिल्ली नगर निगम सभी जोन में संपत्ति के गलत इस्तेमाल और बिल्डिंग बायलॉज के उल्लंघन के लिए संपत्ति मालिकों को नोटिस और तोड़-फोड़ के नोटिस भी जारी कर रहा है। ये अभियान दिल्ली नगर निगम की टीमों द्वारा दिल्ली पुलिस की मदद से चलाया गया है।
दिल्ली नगर निगम की टीमों ने बुलडोजर और अपने कर्मचारियों की मदद से अनधिकृत ढांचों को गिराया और निर्धारित निर्माण नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों को सील किया।
आज दक्षिण दिल्ली के कई इलाकों में चला अभियान
दिल्ली नगर निगम ने आज दक्षिण दिल्ली के कई इलाकों में अपना तोड़-फोड़ और सीलिंग अभियान जारी रखा व उसे तेज किया। पुलिस बल की मदद से दिल्ली नगर निगम ने आज दक्षिणी क्षेत्र के इलाके जैसे सैदुलाज़ाब, हौज रानी, खिड़की एक्सटेंशन, सावित्री नगर, खानपुर और गौतम नगर में स्थित संपत्तियों में अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ कुल 21 तोड़-फोड़ और सीलिंग की कार्रवाई (3 तोड़-फोड़ और 18 सीलिंग) की।
इसके अलावा, 1 जून से आज तक, सैदुलाज़ाब, हौज रानी, खिड़की एक्सटेंशन, सावित्री नगर, सैनिक फार्म, खानपुर और गौतम नगर इलाकों में कुल 41 तोड़-फोड़ और सीलिंग की कार्रवाई की गई है।
जिन प्रॉपर्टीज़ के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, वे निर्माण नियमों का उल्लंघन कर रही हैं और अवैध निर्माण कर रही हैं। इनमें नियमों का पालन किए बिना और सुरक्षा मानकों को अपनाए बिना गलत तरीके से इस्तेमाल जैसे बेड-एंड-ब्रेकफास्ट (बी एंड बी) गेस्ट हाउस चलाना और बेसमेंट में गैर-कानूनी तरीके से लाइब्रेरी चलाना शामिल है।
इस अभियान के दौरान, नियमों को तोड़ने वाले बिल्डरों और मालिकों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है ताकि उन्हें मास्टर प्लान-2021, यूनिफाइड बिल्डिंग बाय-लॉज़-2016 और डीएमसीएक्ट-1957 में बताए गए निर्माण और प्रॉपर्टी के इस्तेमाल से जुड़े नियमों के महत्व के बारे में समझाया जा सके।
इन कार्रवाइयों का उद्देश्य बेईमान बिल्डरों और मालिकों को एक कड़ा संदेश देना है कि किसी भी तरह के अनधिकृत निर्माण, अवैध इस्तेमाल या सुरक्षा नियमों का पालन न करने पर उन्हें गंभीर कानूनी नतीजों का सामना करना पड़ सकता है, जैसे कि तोड़-फोड़ या सीलिंग की कार्रवाई। इससे ऐसी उल्लंघनों को आगे बढ़ने से रोका जा सकेगा।
कार्रवाई के दौरान, संबंधित मालिकों या कब्ज़ा करने वालों को सही जानकारी भी दी जा रही है। आम जनता के लिए यह समझदारी होगी कि वे अपनी प्रॉपर्टी पर निर्माण या कमर्शियल गतिविधियां शुरू करने से पहले ऊपर बताए गए कानूनों के नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें, ताकि तोड़-फोड़ या सीलिंग जैसी कार्रवाई से बचा जा सके।