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साइबर ठगों पर दिल्ली पुलिस का बड़ा प्रहार! 479.14 करोड़ फ्रॉड केस में 944 गिरफ्तार; सुलझाई गईं 4,002 शिकायतें

दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशन साइहॉक 6.0 के तहत 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में छापेमारी की। बैंक खाते से लेकर फर्जी सिम और अवैध कॉल सेंटर चलाने वाले नेटवर्क पर कार्रवाई की गई।

Delhi Police Operation Cyhawk- India TV Hindi
Image Source : REPORTERS INPUT दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में 944 गिरफ्तार लोगों को गिरफ्तार किया।

साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशन साइहॉक 6.0 के तहत बड़ी कार्रवाई की है। 28 और 29 अक्टूबर को चलाए गए इस अभियान में पुलिस ने 944 लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि 788 लोगों को बाउंड डाउन किया गया। इसके अलावा 2,081 लोगों को नोटिस जारी किए गए। पुलिस ने इस दौरान 1,032 मामलों में कार्रवाई करते हुए देशभर में साइबर ठगी से जुड़ी 4,002 शिकायतों को सुलझाया। इन शिकायतों में करीब 479.14 करोड़ रुपये की ठगी की रकम शामिल है।

दिल्ली पुलिस ने पकड़े 4,979 संदिग्ध

दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट के जॉइंट कमिश्नर चिन्मय बिस्वाल के मुताबिक, इस अभियान में दिल्ली के सभी 15 जिलों के साथ क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल की आईएफएसओ यूनिट ने हिस्सा लिया। अभियान के दौरान, दिल्ली में 4,979 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ और जांच की गई। आरोपियों की तलाश में 283 पुलिस टीमों को 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में भेजा गया।

पुलिस ने साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क पर लिया एक्शन

इस बार दिल्ली पुलिस ने सिर्फ साइबर ठगी करने वालों को पकड़ने तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि ठगी में इस्तेमाल होने वाले पूरे नेटवर्क को निशाना बनाया। इसमें ठगी की रकम मंगाने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले लोग, फर्जी कंपनियों के नाम पर खाते खुलवाने वाले आरोपी, बैंककर्मी, सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले एजेंट और फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले लोग शामिल हैं।

सोना और क्रिप्टोकरेंसी में बदलते थे ठगी का पैसा

पुलिस ने ऐसे नेटवर्क पर भी कार्रवाई की, जो ठगी की रकम निकालने के बाद उसे नकदी, सोना और क्रिप्टोकरेंसी में बदलते थे। जांच में सामने आया कि साइबर ठग दूसरों के नाम पर बैंक खाते और सिम कार्ड हासिल कर उनका इस्तेमाल लोगों से ठगी करने में करते हैं। पुलिस ने अभियान के दौरान 1,037 मोबाइल फोन, 1,301 सिम कार्ड, 106 लैपटॉप और कंप्यूटर, 397 एटीएम कार्ड, 244 से अधिक बैंक किट और पासबुक तथा 325 आधार कार्ड जब्त किए। इसके अलावा, 6 सिम बॉक्स, 11 कारें, 10 दोपहिया वाहन और 37.67 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए। पुलिस ने सोना और यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी भी जब्त की है।

मुंबई, लखनऊ, राजस्थान और पंजाब से पकड़े गए साइबर ठग

दिल्ली पुलिस ने आरोपियों की तलाश में झारखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब, गुजरात, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, कर्नाटक और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में छापेमारी की। इस दौरान, धनबाद में जामताड़ा से जुड़े क्रेडिट कार्ड ठगी गिरोह, दुर्ग-भिलाई में शादी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह और कानपुर व ग्रेटर नोएडा में ठगी के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की गई। मुंबई, लखनऊ, राजस्थान और पंजाब में भी ऐसे लोगों को पकड़ा गया, जो साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने में मदद करते थे।

कमीशन पर ठगों को दिए जा रहे थे बैंक अकाउंट

पुलिस के मुताबिक, कई मामलों में ठगी की रकम एक बैंक खाते से दूसरे खाते में भेजी जा रही थी। जांच में ऐसे नेटवर्क का भी पता चला, जो फर्जी कंपनियां बनाकर चालू बैंक खाते खुलवाते थे और फिर उन्हें कमीशन पर साइबर ठगों को दे देते थे। ऑपरेशन के दौरान, पुलिस ने उन लोगों पर भी शिकंजा कसा, जो अपने पद या काम का गलत इस्तेमाल कर साइबर ठगों की मदद कर रहे थे। उत्तर-पश्चिम जिले में बैंक अधिकारियों की भूमिका की जांच करते हुए ऐसे अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया, जिन पर ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खाते खुलवाने में मदद करने का आरोप है।

लोन ऐप के जरिए लोगों को ब्लैकमेल करने वाले पकड़े गए

दक्षिण जिले में एक सर्विस एजेंसी के कर्मचारियों पर ग्राहकों के डेटा का गलत इस्तेमाल करने के आरोप में कार्रवाई की गई। वहीं, आउटर-नॉर्थ जिले में दूसरे लोगों के नाम पर धोखाधड़ी से सिम कार्ड हासिल करने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया। पुलिस ने फर्जी केवाईसी कॉल, नकली मोबाइल ऐप, फिशिंग मैसेज, ऑनलाइन शॉपिंग और निवेश के नाम पर ठगी करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की। इसके अलावा, शादी के नाम पर ठगी और लोन ऐप के जरिए लोगों को ब्लैकमेल करने वाले गिरोह भी पुलिस के निशाने पर रहे।

अवैध कॉल सेंटरों पर भी पुलिस ने की कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल होने वाले अवैध कॉल सेंटरों पर भी कार्रवाई की। द्वारका, दक्षिण-पश्चिम और पूर्वी जिलों में ऐसे कॉल सेंटर पकड़े गए, जिनके जरिए लोगों और कारोबारियों को निशाना बनाया जा रहा था। पूर्वी जिले में एक ऐसा फर्जी कॉल सेंटर भी पकड़ा गया, जिसे चलते वाहन से चलाया जा रहा था। इसका मकसद पुलिस की नजर से बचना और अपनी लोकेशन का पता लगने से रोकना था। वहीं, स्पेशल सेल की आईएफएसओ यूनिट ने सिम बॉक्स जब्त किए। इन उपकरणों का इस्तेमाल बड़ी संख्या में फर्जी कॉल करने के लिए किया जाता था। पुलिस ने क्रिप्टोकरेंसी, ई-सिम और बैंक खातों की खरीद-फरोख्त से जुड़े टेलीग्राम चैनलों और फर्जी निवेश लिंक के खिलाफ भी कार्रवाई की।

पुलिस ने की साइबर ठगी से जुड़े मोबाइल नंबरों की पहचान

दिल्ली पुलिस ने इस अभियान के लिए शिकायतों और तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण किया। इसमें गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C), नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP), समन्वय पोर्टल और प्रतिबिंब पोर्टल से मिली जानकारियों का इस्तेमाल किया गया। इनकी मदद से पुलिस ने ऐसे मोबाइल नंबर, बैंक खाते और संदिग्ध लोगों की पहचान की, जिनका संबंध देशभर में दर्ज साइबर ठगी की शिकायतों से था। इसके बाद अलग-अलग जिलों की टीमों ने उनके ठिकानों पर छापेमारी की।

ऑपरेशन साइहॉक में अबतक पकड़े जा चुके हैं 3,300 से ज्यादा लोग

पुलिस के मुताबिक, इस बार दिल्ली से बाहर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दर्ज 3,275 शिकायतों को भी कार्रवाई से जोड़ा गया। जून 2026 में हुए ऑपरेशन साइहॉक 5.0 की तुलना में इस बार नई एफआईआर में करीब 24 प्रतिशत और सुलझाई गई साइबर ठगी की शिकायतों में करीब 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, ऑपरेशन साइहॉक के 6 चरणों में अब तक 3,300 से ज्यादा गिरफ्तारियां हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी के मामलों में सिर्फ फोन करने वाले आरोपी को पकड़ना काफी नहीं है। ठगी के लिए बैंक खाते, सिम कार्ड, कॉल सेंटर और पैसे को दूसरी जगह पहुंचाने वाले लोगों की पूरी कड़ी को तोड़ना जरूरी है।

ठगी की रकम का पूरा हिसाब लगाने में जुटी पुलिस टीम

फिलहाल दर्ज मामलों की जांच जारी है। पुलिस ठगी की रकम का पूरा हिसाब लगाने, विदेश में बैठे नेटवर्क के संचालकों की पहचान करने और पीड़ितों का पैसा वापस दिलाने की कोशिश कर रही है। इससे पहले, 3.93 करोड़ की साइबर ठगी मामले में दिल्ली पुलिस ने 7 आरोपियों को दबोचा था।

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