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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने BKI आतंकी आकाशदीप को गिरफ्तार किया, पंजाब में पुलिस स्टेशन पर ग्रेनेड अटैक में था शामिल

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने BKI आतंकी को गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम आकाशदीप है। आकाशदीप दिल्ली में हथियारों की सप्लाई कर रहा था।

BKI terrorist- India TV Hindi
Image Source : PTI/REPRESENTATIVE PIC दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने BKI आतंकी को गिरफ्तार किया

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने BKI आतंकी को गिरफ्तार किया है। वह पंजाब में पुलिस स्टेशन पर ग्रेनेड अटैक में शामिल था। आरोपी का नाम आकाशदीप है। आकाशदीप दिल्ली में हथियारों की सप्लाई कर रहा था।

मिली जानकारी के मुताबिक, आकाशदीप बब्बर खालसा इंटरनेशनल आतंकी संगठन से जुड़ा है और पुलिस की स्पेलशल सेल उससे पूछताछ कर रही है, जिससे इसके नेटवर्क के बारे में पता लगाया जा सके। पुलिस की कोशिश है कि आतंकी अपने संगठन के सदस्यों के बारे में सच्चाई का पता लगे।

बब्बर खालसा इंटरनेशनल आतंकी संगठन के बारे में जानें

बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) एक खालिस्तानी आतंकी संगठन है, जिसे 1978 में तलविंदर सिंह परमार और सुखदेव सिंह बब्बर ने स्थापित किया था। इसका प्राथमिक लक्ष्य पंजाब में एक अलग सिख राष्ट्र, खालिस्तान, की स्थापना करना है। भारत सहित कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन, और जर्मनी जैसे देशों ने इसे आतंकवादी संगठन के रूप में चिह्नित किया है, हालांकि इसके समर्थक इसे एक स्वतंत्रता आंदोलन के रूप में देखते हैं।

बीकेआई का उदय 1978 में सिख निहंग संप्रदाय के साथ टकराव के बाद हुआ। 1980 के दशक में पंजाब में चले उग्रवादी आंदोलन के दौरान यह संगठन हिंसक गतिविधियों जैसे हत्याओं, बम धमाकों और अन्य आतंकी कृत्यों में सक्रिय रहा। सबसे कुख्यात घटना 1985 में एयर इंडिया फ्लाइट 182 पर हुआ बम विस्फोट है, जिसमें 329 लोगों की जान गई थी। यह कनाडा के इतिहास में सबसे घातक आतंकी हमला माना जाता है। 

हाल के वर्षों में बीकेआई की गतिविधियाँ कम हुई हैं, लेकिन यह पूरी तरह निष्क्रिय नहीं है। संगठन ड्रोन के माध्यम से हथियारों की तस्करी, चुनिंदा हत्याओं और विस्फोटों जैसी गतिविधियों में लिप्त रहा है। इसका नेटवर्क पाकिस्तान, ब्रिटेन, और अन्य देशों तक फैला है, और इसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से समर्थन मिलने की बात सामने आई है। 

बीकेआई को भारत और वैश्विक सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरे के रूप में देखा जाता है। भारत सरकार ने इसे गैरकानूनी गतिविधियाँ (निवारण) अधिनियम, 1967 के तहत प्रतिबंधित कर रखा है। हाल के समय में संगठन के कई सदस्यों की गिरफ्तारी और आतंकी योजनाओं का भंडाफोड़ हुआ है, जो दर्शाता है कि यह अभी भी सक्रिय है और सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बना हुआ है।