नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में रहने वालों के लिए बुरी खबर है क्योंकि शहर की हवा और प्रदूषित हो गई है। मंगलवार को हवा की गुणवत्ता पहली बार ''गंभीर'' कैटेगरी में पहुंची, जब औसत AQI 428 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी CPCB ने ये आंकड़ा जारी किया है। बता दें कि दिल्ली की एयर क्वालिटी पिछले कई दिनों से ''बहुत खराब'' श्रेणी में थी लेकिन मंगलवार सुबह यह ''गंभीर'' कैटेगरी में दर्ज की गई।
11 महीने बाद ''गंभीर'' श्रेणी में AQI
जान लें कि दिल्ली में हवा की गुणवत्ता के गंभीर कैटेगरी में पहुंचने के पीछे मौसम की स्थिर स्थिति और स्थानीय उत्सर्जन माना जा रहा है। ध्यान रहे कि इस साल ये पहली बार है जब दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स "गंभीर" श्रेणी में पहुंचा है। CPCB के आंकड़ों के मुताबिक, पिछली बार दिसंबर 2024 में दिल्ली की वायु गुणवत्ता इतनी खराब हुई थी।
''गंभीर'' कैटेगरी में AQI कितना खतरनाक?
गौरतलब है कि AQI का 401 और 500 के बीच होना "गंभीर" कैटेगरी में माना जाता है। यह स्वस्थ व्यक्तियों की सेहत को भी प्रभावित कर सकता है। इसके अवाला, यह पहले से बीमार लोगों में गंभीर श्वास संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है।
बिगड़ती वायु गुणवत्ता के क्या हैं नुकसान?
बता दें कि दिल्ली की बिगड़ती एयर क्वालिटी ने हेल्थ एक्सपर्ट्स को को प्रदूषित हवा के लगातार संपर्क में रहने के दूरगामी स्वास्थ्य परिणामों को लेकर चिंतित किया है। वायु प्रदूषण से कैंसर के बढ़ते खतरे, शरीर की प्रतिरोधक क्षमता के कम होने और श्वसन संबंधी बीमारियों से स्वास्थ्य विशेषज्ञ परेशान हैं। ‘स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर 2025’ रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2023 में जहरीली हवा के कारण 20 लाख से ज्यादा मौतें हुईं।
(इनपुट-भाषा)
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