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दिल्ली में 'दुर्गा EV ऑटो' योजना को मंजूरी, महिला सुरक्षा को लेकर रेखा गुप्ता कैबिनेट का बड़ा फैसला

आज कैबिनेट ने 'दुर्गा EV ऑटो' योजना को मंजूरी दे दी। इस योजना के तहत कुल 1300 इलेक्ट्रिक ऑटो चलाए जाएंगे। इसके परमिट सिर्फ महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को दिया जाएगा।

दुर्गा ई-ऑटो - India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT दुर्गा ई-ऑटो

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में महिला सुरक्षा को लेकर रेखा गुप्ता सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। आज कैबिनेट ने 'दुर्गा EV ऑटो' योजना को मंजूरी दे दी। दिल्ली कैबिनेट के फैसले के तहत राजधानी में कुल 1300 इलेक्ट्रिक ऑटो चलाए जाएंगे। इस योजना के तहत ऑटो का परमिट सिर्फ महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को दिया जाएगा। इस योजना के मुताबिक दिल्ली के हर जिले में 90 दुर्गा ऑटो का परमिट दिया जाएगा। जबकि पूरी दिल्ली में 130 ट्रांसजेंडर को दुर्गा ऑटो का परमिट दिया जाएगा।

महिलाओं को 90 प्रतिशत परमिट

इस योजना का उद्देश्य महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने के साथ ही उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान करना है। कुल परमिट में से महिलाओं के लिए 90 प्रतिशत की हिस्सेदारी तय की गई है जबकि बाकी 10 प्रतिशत ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए जारी किए जाएंगे। जिन आवेदकों को चयन इसके लिए किया जाएंगा उन्हें लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया जाएगा।

महिलाओं के लिए आवेदन की शर्तें

इस योजना के तहत 20 से 40 वर्ष के बीच की महिलाएं आवेदन कर सकेंगी। इसमें शर्त ये है कि महिला का दिल्ली निवासी होना जरूरी है। साथ उसके वास वैध वोटर आईडी, एलएमवी ड्राइविंग लाइसेंस और पीएसवी बैज होना अनिवार्य है। साथ ही यह शर्त भी है कि तीन से ज्यादा बच्चों वाली महिलाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।

महिला आवेदक या उसके परिवार के पास पहले कोई रजिस्टर्ड ट्रांसपोर्ट गाड़ी या थ्री व्हिलर नहीं होना चाहिए। साथ ही परिवार की सालाना इनकम की सीमा भी 5 लाख रुपये रखी गई है और इसके लिए वित्त वर्ष 2025-26 की इनकम को आधार माना जाएगा। 

ट्रांसजेंडर्स के लिए आवेदन की शर्तें

वहीं ट्रांसजेंडर आवेदकों के लिए उम्रसीमा 20 से 40 साल रखी गई है। साथ ही उनका दिल्ली का निवासी होना जरूरी है। उन्हें दिल्ली डीएम की ओर से जारी वैध ट्रांसजेंडर सर्टिफिकेट देना होगा। इसके अवाला उनके पास वैध वोटर आईडी, एलएमवी ड्राइविंग लाइसेंस और पीएसवी बैज होना अनिवार्य है।  इस योजना की एक अहम शर्त ये है कि इन ई-ऑटो पर तीन साल का लॉक-इन पीरियड होगा। इस अवधि में वाहन को बेचने या ट्रांसफर या किसी अन्य तरीके निस्तारित नहीं किया जा सकेगा। दुर्गा ई-ऑटो की एक अलग पहचान होगा। इन वाहनों पर खास ब्रांडिंग और आईडेंटिफिकेशन फीचर्स होंगे। योजना का उद्देश्य महिलाओं के लिए  सुरक्षित और भरोसेमंद लास्ट माइल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना है। 

आर्थिक सशक्तीकरण के साथ सुरक्षित और समावेशी परिवहन पर जोर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ उन्हें सुरक्षित परिवहन से जोड़ना दिल्ली सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। ‘दुर्गा’ योजना इसी दिशा में अहम पहल है। इसके अंतर्गत महिलाएं और ट्रांसजेंडर व्यक्ति इलेक्ट्रिक ऑटो के मालिक और चालक बन सकेंगे। इससे एक ओर उन्हें सम्मानजनक स्वरोजगार का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुलभ और समावेशी बनाने में मदद मिलेगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों को विशेष रूप से सुबह के शुरुआती घंटों और देर शाम के समय आवागमन तथा सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ‘दुर्गा’ योजना को इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य सुरक्षित परिवहन को बढ़ावा देने के साथ महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए सम्मानजनक स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

इस योजना से सहायक क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे

दुर्गा योजना के तहत ई-ऑटो पर तीन वर्ष की अनिवार्य लॉक-इन अवधि होगी। इस अवधि में वाहन को बेचा, हस्तांतरित या अन्य तरीके से निस्तारित नहीं किया जा सकेगा। योजना को सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने के लिए भी विशेष व्यवस्था प्रस्तावित है। डीएमआरसी ने बताया है कि 70 मेट्रो स्टेशनों की पार्किंग में पहले से ही ईवी चार्जिंग सुविधाओं के लिए स्थान उपलब्ध कराया जा चुका है। यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े सहायक क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। करीब 1,300 ई-ऑटो के संचालन से मरम्मत कार्यशालाओं, सर्विसिंग, चार्जिंग और बैटरी रीसाइक्लिंग जैसी सेवाओं में भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे। योजना के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव का समय-समय पर आकलन भी किया जाएगा। 

विशेष पहचान वाले होंगे ‘दुर्गा’ ई-ऑटो

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत चलने वाले इलेक्ट्रिक ऑटो पर ‘दुर्गा’ ब्रैंडिंग और पहचान संबंधी विशेषताएं होंगी। इससे इन वाहनों को आसानी से पहचाना जा सकेगा और यात्रियों का इन वाहनों के प्रति भरोसा और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद मिलेगी। ‘दुर्गा’ योजना महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के साथ दिल्ली के स्वच्छ परिवहन के लक्ष्य को भी आगे बढ़ाएगी। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ शहरी परिवहन व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। यह पहल दिल्ली में टिकाऊ शहरी परिवहन की व्यापक सोच के अनुरूप है। योजना के माध्यम से रोजगार और आर्थिक सशक्तीकरण के अवसर बढ़ाने के साथ अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी को भी मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

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