दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस को पिंक फोर्स बनाने के निर्देश दिए हैं। यह प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों की एक समर्पित, दृश्यमान और पेट्रोलिंग यूनिट होगी। यह स्कूल, कॉलेज, मेट्रो और संवेदनशील इलाकों में तैनात रहेगी। LG ने PHQ ऑडिटोरियम में दिल्ली पुलिस के कर्मचारियों और सीनियर अधिकारियों से बातचीत की और उन्हें संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि महिलाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। बता दें कि 24 जून के बाद पुलिस हेडक्वार्टर का यह उनका दूसरा दौरा था, इससे पहले वे 24 जून 2026 को आए थे।
LG ने क्या बड़े आदेश दिए?
- एलजी तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली पुलिस को एक खास "पिंक फोर्स" बनाने का निर्देश दिया, जिसमें ट्रेंड महिला पेट्रोलिंग यूनिट्स शामिल होंगी। इन्हें स्कूलों, कॉलेजों, मेट्रो स्टेशनों और संवेदनशील इलाकों (हॉटस्पॉट्स) में तैनात किया जाएगा ताकि वे आसानी से दिखें और किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई कर सकें।
- 'जन सुनवाई' में मिली शिकायतों की डिजिटल ट्रैकिंग का निर्देश दिया, ताकि हर शिकायत को स्वीकार किया जाए और तय समय-सीमा के भीतर उस पर कार्रवाई हो।
- निचले रैंक के कर्मचारियों के लिए समय पर प्रमोशन, हेडक्वार्टर में तय समय पर शिकायतों की सुनवाई और पुलिस कॉलोनियों को 'मॉडल जीरो-वेस्ट कॉलोनी' के तौर पर विकसित करने का निर्देश दिया।
- साइबर अपराध और ड्रग तस्करी पर सख्त कार्रवाई के भी निर्देश
नागरिकों पर केंद्रित, तुरंत कार्रवाई करने वाली पुलिसिंग
नागरिकों पर केंद्रित पुलिसिंग के बारे में LG ने निर्देश दिया कि हर पुलिस स्टेशन ऐसी जगह होनी चाहिए जहां नागरिक अपनी बात कह सकें, उन्हें मदद मिले और वे सुरक्षित महसूस करें। उन्होंने पुलिस स्टेशनों, बीट अधिकारियों और जिन समुदायों की वे सेवा करते हैं, उनके बीच मज़बूत संबंध बनाने पर ज़ोर दिया। साथ ही, संवेदनशील और ज़्यादा भीड़-भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने और पैदल व मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग को मज़बूत करने को कहा। उन्होंने कहा कि स्कूलों, कॉलेजों, बाज़ारों और ट्रांसपोर्ट हब के आस-पास के इलाकों पर खास ध्यान दिया जाना चाहिए।
डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए जन सुनवाई
LG ने यह भी निर्देश दिया कि जन सुनवाई की शिकायतों को एक डिजिटल सिस्टम के जरिए ट्रैक किया जाए। हर शिकायत को स्वीकार किया जाए, ट्रैक किया जाए और तय समय-सीमा के भीतर उस पर कार्रवाई हो। साथ ही, दूसरे विभागों से जुड़ी शिकायतों को तुरंत संबंधित एजेंसी को भेजा जाए।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर खास ध्यान
महिलाओं की सुरक्षा को सबसे ज़रूरी बताते हुए LG ने कहा कि महिलाएं हर सड़क पर और हर समय सुरक्षित होनी चाहिए। उन्होंने 'ऑपरेशन शिष्टाचार' के तहत सार्वजनिक जगहों पर छेड़छाड़ और उत्पीड़न के खिलाफ़ खास कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया। गोवा पुलिस की "पिंक फोर्स" का उदाहरण देते हुए, उन्होंने दिल्ली पुलिस से कहा कि वे भी वैसी ही "पिंक फोर्स" बनाएं, जिसमें खास तौर पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित महिला कर्मियों की पेट्रोलिंग यूनिट हो। उन्हें स्कूलों, कॉलेजों, मेट्रो स्टेशनों और संवेदनशील जगहों पर तैनात किया जाना चाहिए ताकि वे आसानी से दिखें और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई कर सकें, खासकर उन समयों पर जब खतरा ज्यादा हो।

LG ने स्कूलों में POCSO और बच्चों की सुरक्षा, साइबर क्राइम, नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और सड़क सुरक्षा पर नियमित और बातचीत-आधारित जागरूकता कार्यक्रम चलाने का भी निर्देश दिया। इसके लिए हर पुलिस ज़िले को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करना होगा और ऐसे सेशन के लिए तिमाही कैलेंडर तैयार करना होगा। उन्होंने पुलिस और समुदाय के बीच भरोसा बढ़ाने के लिए स्थानीय स्कूलों और RWA के साथ मिलकर 5 से 15 साल के बच्चों के लिए नियमित खेल गतिविधियां आयोजित करने को कहा।
ड्रग तस्करी के खिलाफ़ कार्रवाई
LG ने 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत ड्रग तस्करी के खिलाफ़ लगातार और खुफिया जानकारी पर आधारित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने साइबर क्राइम की शिकायतों को संभालने और डिजिटल सबूत सुरक्षित रखने के लिए पुलिस स्टेशनों की क्षमता बढ़ाने को कहा, ताकि जिन मामलों में तुरंत कार्रवाई की ज़रूरत हो, उनमें खास साइबर यूनिट्स के साथ मिलकर काम किया जा सके।
ट्रैफिक मैनेजमेंट
ट्रैफिक मैनेजमेंट के मामले में, उन्होंने भीड़-भाड़ वाली मुख्य जगहों की पहचान करने और उन पर नज़र रखने का निर्देश दिया। साथ ही, पीक आवर्स (जब सबसे ज़्यादा भीड़ होती है) के दौरान पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने और रियल-टाइम CCTV व ट्रैफ़िक कंट्रोल रूम से निगरानी मज़बूत करने को कहा।
पुलिस कॉलोनियों को 'जीरो वेस्ट' इलाकों के मॉडल के तौर पर विकसित किया जाएगा
पुलिस कल्याण के मामले में, LG ने सीनियर अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे हेडक्वार्टर में शिकायतों की सुनवाई के लिए तय समय रखें, निचले रैंक और महिला कर्मचारियों को समय पर प्रमोशन दें और पुलिस कॉलोनियों को 'मॉडल ज़ीरो-वेस्ट कॉलोनियों' के रूप में विकसित करें। उन्होंने भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति दोहराई और सीनियर अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लोगों के साथ कामकाज के दौरान आंतरिक ईमानदारी पर कड़ी नजर रखें। LG ने BRICS समिट के सफल और सुरक्षित आयोजन के लिए दिल्ली पुलिस और अन्य सभी सुरक्षा एजेंसियों की तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि इस इवेंट का पैमाना सावधानीपूर्वक योजना, बेहतर तालमेल और प्रोफ़ेशनलिज़्म के उच्चतम मानकों को दर्शाता है, साथ ही राजधानी में आम जनजीवन में कम से कम रुकावट सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा कि समिट से मिले ऑपरेशनल अनुभव दिल्ली में भविष्य के बड़े अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स की तैयारी को मज़बूत करने में बहुमूल्य जानकारी देंगे।
LG ने पूरी राजधानी में नागरिकों पर केंद्रित, दिखने वाली और तुरंत प्रतिक्रिया देने वाली पुलिसिंग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि हेडक्वार्टर से लेकर पुलिस स्टेशन तक हर स्तर पर लीडरशिप इन प्राथमिकताओं को ज़मीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई में बदलेगी, ताकि दिल्ली के लोगों को सच में महसूस हो कि दिल्ली सुरक्षित है।
वहीं, आपको बता दें कि दिल्ली में पुरानी और खंडित मूर्तियों के सम्मानजनक निस्तारण के लिए रेखा गुप्ता सरकार ने एक खास पहल शुरू की है।
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