दिल्ली यूनिवर्सिटी आज छात्रसंघ चुनाव होने हैं। चार पदों पर होने वाले चुनाव के लिए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद पर कुल 20 उम्मीदवार मैदान में हैं। इसके लिए आज दो पालियों में वोटिंग होगी, जिसके नतीजे कल आएंगे। हालांकि दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस में छात्र संघ चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा की घटनाओं पर दिल्ली हाई कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई है। कोर्ट ने DU, दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार से रिपोर्ट मांगी है। आज मामले पर सुनवाई होगी और कोर्ट ने साफ कहा है कि अगर की गई कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हुआ तो चुनाव को लेकर कोर्ट बड़ा फैसला ले सकता है। ऐसे में चुनाव के साथ-साथ आज कोर्ट की सुनवाई पर भी सबकी नजरें रहेंगी।
मारपीट और हिंसा के बीच DUSU चुनाव
दरअसल, बीते दो दिन से दिल्ली यूनिवर्सिटी में जारी मारपीट, तोड़फोड़ और हिंसक झड़पों के बाद आज दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ के लिए वोटिंग है। चुनाव से पहले चार बार हिंसा की घटनाएं सामने आईं। नॉर्थ कैंपस में छात्रों के बीच जमकर मारपीट और तोड़फोड़ हुई, जिसमें कई छात्र घायल भी हुए। हिंसा के लिए ABVP ने NSUI और समाजवादी छात्र संगठनों से जुड़े छात्रों पर आरोप लगाया। तो वहीं NSUI ने ABVP के कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया। ऐसे में अब आज मुकाबला कड़ा है। चुनाव को लेकर कॉलेजों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। छात्र लगातार बूथों पर पहुंच रहे हैं, तो पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह से चौकन्ना है।
चुनाव के लिए तैयारियां पूरी
बता दें कि आज दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ के लिए 4 पदों पर चुनाव हैं। इसमें 4 बूथों पर कुल 4,446 छात्र मतदान करेंगे। आज दो पालियों में वोटिंग होगी और 19 सितंबर को मतगणना होगी। कैंपस में बूथ संख्या के पोस्टर्स और एंट्री-एग्जिट के नोटिस लगाए गए हैं। गर्मी को देखते हुए पीने के पानी, मेडिकल स्टाफ और एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है। साथ ही मतदान शांतिपूर्ण हो, उसके लिए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती है। नॉर्थ कैंपस से लेकर साउथ कैंपस तक सिक्योरिटी के जबरदस्त इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस के साथ-साथ पैरा मिलिट्री के जवान भी सुरक्षा में तैनात किए गए हैं।
हाई कोर्ट में सुनवाई आज
दूसरी तरफ दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस में DUSU चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा की घटनाओं पर दिल्ली हाई कोर्ट आज सुनवाई करेगा। इससे पहले गुरुवार को कोर्ट ने चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा पर कड़ी टिप्पणी की थी। हाईकोर्ट ने कहा कि लोकतंत्र को आपराधिक समाज में नहीं बदला जा सकता है। हाई कोर्ट ने DU, दिल्ली पुलिस और सरकार से आज रिपोर्ट मांगी है। साथ ही चेतावनी भी दी है कि अगर की गई कार्रवाई से कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ तो वोटों की गिनती और नतीजों की घोषणा पर रोक लगा दी जाएगी। मामले पर आज दोपहर 12 बजे दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई होगी।
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