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दिल्ली-NCR की हवा हुई खराब? सीजन में पहली बार GRAP-1 लागू; जानें अब किन बातों पर रहेगी पाबंदी

दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता खराब होने के मद्देनजर इस सीजन में GRAP-1 की पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इसकी जानकारी दी है।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
Image Source : FILE (PTI) प्रतीकात्मक फोटो

दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण बढ़ने के साथ ही इस सीजन में पहली बार ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी GRAP-1 के तहत पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इसकी जानकारी दी। वायु गुणवत्ता में गिरावट के बाद यह कदम उठाया गया है। बुधवार दोपहर राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 244 दर्ज किया गया, जो 'खराब' श्रेणी में आता है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में जमा हो रहे हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

अगले दो दिन भी खराब रह सकती है हवा

अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली के AQI में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमान में भी अगले दो दिनों तक वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में बने रहने की आशंका जताई गई है। इसी को देखते हुए CAQM की उप-समिति ने पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में GRAP-1 के तहत निर्धारित सभी उपाय तत्काल प्रभाव से लागू करने का फैसला लिया।

क्या है GRAP-I लागू होने का मतलब?

GRAP का पहला चरण तब लागू किया जाता है, जब AQI 201 से 300 के बीच यानी 'खराब' श्रेणी में होता है। इसके तहत प्रदूषण को रोकने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाते हैं:-

  • निर्माण और डिमोलिशन (तोड़ने) वाली साइटों पर धूल नियंत्रण नियमों का कड़ाई से पालन।
  • सड़कों पर पानी का छिड़काव और मैकेनाइज्ड स्वीपिंग (मशीनों से सफाई) को तेज करना।
  • खुले में कचरा जलाने और तंदूर आदि में कोयले या लकड़ी के इस्तेमाल पर सख्त पाबंदी।
  • प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों और उद्योगों पर निगरानी बढ़ाना।

नागरिकों से सहयोग की अपील

CAQM के निदेशक (तकनीकी) आर. के. अग्रवाल की ओर से जारी इस आदेश में सभी संबंधित एजेंसियों को इन नियमों को तुरंत और सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, आम नागरिकों से भी अनुरोध किया गया है कि वे प्रदूषण कम करने में मदद करने के लिए 'नागरिक चार्टर' (Citizen Charter) का पालन करें, ताकि हवा की गुणवत्ता को और ज्यादा बिगड़ने से रोका जा सके।

201 से 300 के बीच AQI होने पर खराब मानी जाती है हवा

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मानकों के मुताबिक, AQI शून्य से 50 के बीच होने पर हवा 'अच्छी', 51 से 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 से 200 के बीच 'मध्यम', 201 से 300 के बीच 'खराब', 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' श्रेणी में मानी जाती है। दिल्ली का AQI 226 होने के कारण राजधानी की हवा फिलहाल 'खराब' श्रेणी में है।

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