दिल्ली पुलिस ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार लोगों से ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। आरोपियों पर नौकरी दिलाने के बहाने रजिस्ट्रेशन और अन्य शुल्क के नाम पर बेरोजगारों से रुपये ठगने का आरोप है। पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। चलिए जानते हैं आखिर क्या है पूरा मामला।
फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी चलाने का आरोप
दिल्ली पुलिस ने नौकरी दिलाने के बहाने बेरोजगारों के साथ ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच महिलाओं समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में बिना पंजीकरण के प्लेसमेंट एजेंसी चला रहे थे। आरोपी ऑनलाइन जॉब पोर्टल के जरिए लोगों को फंसाकर फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से पैसे ऐंठ रहे थे।
शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले का खुलासा करोल बाग निवासी एक व्यक्ति की शिकायत के बाद हुआ। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसने ऑनलाइन पोर्टल पर नौकरी के लिए आवेदन किया था। इसके बाद खुद को मानव संसाधन एचआर कर्मचारी बताने वाले एक व्यक्ति ने उससे संपर्क किया और उसे 25 जुलाई को उत्तम नगर स्थित एजेंसी के कार्यालय में इंटरव्यू के लिए बुलाया।
रजिस्ट्रेशन के नाम पर लिए पैसे
शिकायत के मुताबिक, एजेंसी के दफ्तर में उससे पंजीकरण और खाता खोलने के शुल्क के तौर पर 4,800 रुपये जमा करने को कहा गया। शिकायतकर्ता ने यह रकम ऑनलाइन माध्यम से जमा कर दी। आरोपियों ने उसे भरोसा दिलाया था कि नौकरी शुरू करने के बाद यह राशि वापस कर दी जाएगी।
हालांकि, शिकायतकर्ता को न तो नौकरी मिली और न ही उसके पैसे वापस किए गए। इसके बाद जिस मोबाइल नंबर के जरिए वह आरोपियों के संपर्क में था, वह भी बंद हो गया। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने एक अगस्त को मामला दर्ज किया।
मोबाइल रिकॉर्ड से मिला सुराग
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने मोबाइल फोन रिकॉर्ड की जांच की और यह पता लगाया कि ठगी की रकम किस बैंक खाते में भेजी गई थी। इसके बाद पुलिस ने उत्तम नगर के जीवन पार्क स्थित प्लेसमेंट एजेंसी के कार्यालय पर छापा मारा।
गिरोहा के सात सदस्य गिरफ्तार
पुलिस अधिकारी ने बताया कि छापेमारी के दौरान टीम ने सात लोगों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गिरोह की कथित सरगना प्रीति मल्होत्रा (34), दिव्या (33), ललिता उर्फ पिंकी (32), नैना (33), प्रियंका (28), कपिल कुमार शर्मा (30) और ललित कुमार (28) के रूप में हुई है।
फर्जी इंटरव्यू के बाद वसूलते थे रकम
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ऑनलाइन पोर्टल पर आकर्षक नौकरियों के विज्ञापन डालते थे। इसके बाद खुद को एचआर कर्मी बताकर बेरोजगार लोगों से संपर्क करते थे। पुलिस ने बताया कि फर्जी इंटरव्यू लेने के बाद आरोपियों की ओर से हर उम्मीदवार से तीन से चार हजार रुपये रजिस्ट्रेशन, खाता खोलने और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर लिए जाते थे। साथ ही उन्हें बाद में पैसे वापस करने का झांसा दिया जाता था।
जांच में मिलीं पांच शिकायतें
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान राष्ट्रीय अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों और बैंक खातों से जुड़ी पांच शिकायतें सामने आई हैं। इससे संकेत मिल रहे हैं कि इस गिरोह ने कुछ और लोगों को भी अपना शिकार बनाया हो सकता है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
(इनपुट- भाषा)
ये भी पढ़ेंः दिल्ली पुलिस ने अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय गैंग का किया भंडाफोड़, सरगना समेत 8 गिरफ्तार