दिल्ली नगर निगम (MCD) के नॉर्थ ईस्ट जोन कार्यालय में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब जोन चेयरमैन पंकज लूथरा के दफ्तर को अखाड़े में तब्दील कर दिया गया। बाबरपुर से निगम पार्षद हाजी जरीफ के साथ कुछ लोगों ने जमकर मारपीट की। इस घटना में चेयरमैन कार्यालय के कांच के दरवाजे और खिड़कियां टूट गईं।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, निगम कार्यालय के नीचे किसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और विवाद शुरू हुआ था। बात इतनी बढ़ गई कि गुस्साई भीड़ ने बाबरपुर के पार्षद हाजी जरीफ को घेर लिया। अपनी जान बचाने और भीड़ से खुद को सुरक्षित रखने के लिए पार्षद ने भागकर ज़ोन चेयरमैन के दफ्तर में घुसने का फैसला किया।
हालांकि, हमलावर भी पीछे हटने को तैयार नहीं थे। देखते ही देखते 20 से 25 लोगों की उग्र भीड़ चेयरमैन के कार्यालय के अंदर जबरन घुस गई और पार्षद पर हमला बोल दिया। अपनी जान बचाने की जद्दोजहद में पार्षद ने भी बचाव के लिए कुर्सी फेंक दी। इसके जवाब में दूसरी तरफ से भी कुर्सियां और अन्य सामान फेंके जाने लगे, जिससे कार्यालय के अंदर भारी भगदड़ मच गई। इस झड़प में चेयरमैन ऑफिस का भारी नुकसान। कांच के दरवाजे और खिड़कियां टूट गईं।
चेयरमैन पंकज लूथरा ने क्या बताया?
घटना के प्रत्यक्षदर्शी और नॉर्थ ईस्ट जोन के चेयरमैन पंकज लूथरा ने पूरी स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया, "दोपहर के करीब 3.30 बज रहे थे और मैं अपने दफ्तर में बैठकर जरूरी काम निपटा रहा था। तभी निगम पार्षद अपने एक साथी के साथ भागते हुए मेरे ऑफिस में घुसे। उनके ठीक पीछे 20 से 25 लोगों की भीड़ अंदर आ गई, जो उन्हें पीटने के लिए लगातार आगे बढ़ रही थी। बाद में पता चला कि यह पूरा हंगामा नीचे हुए किसी विवाद के कारण हुआ था।"
पीड़ित निगम पार्षद ने दर्ज कराई शिकायत
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। पीड़ित निगम पार्षद हाजी जरीफ ने इस पूरे मामले की शिकायत वेलकम थाने की पुलिस को दे दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
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