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Hindi News दिल्ली श्रद्धा हत्याकांड: मई में घाव का इलाज कराने डॉक्टर के पास गया था आफताब, आरी से उसका भी हाथ कटा था

श्रद्धा हत्याकांड: मई में घाव का इलाज कराने डॉक्टर के पास गया था आफताब, आरी से उसका भी हाथ कटा था

आफताब ने जिस कमरे में श्रद्धा के शव के टुकड़े फ्रिज में रखे थे, वह उसी कमरे में लगातार 18 दिन सोता रहा। इतना ही नहीं वह रोज फ्रिज खोलकर श्रद्धा के कटे हुए सिर को भी देखता था। जांच से जुड़े पुलिस अधिकारियों को संदेह है कि श्रद्धा के शरीर को काटते समय उसके हाथ पर चाकू का घाव हुआ होगा।

Aaftab Amin Poonawala- India TV Hindi Image Source : PTI आफताब अमीन पूनावाला

नई दिल्ली: 26 साल की जिंदादिल युवती श्रद्धा वाकर की उसके लिव-इन पार्टनर 28 वर्षीय आफताब अमीन पूनावाला द्वारा की गई जघन्य हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। वहीं, इस मामले में दक्षिणी दिल्ली के छत्तरपुर इलाके के एपेक्स अस्पताल के एक डॉक्टर ने खुलासा किया है कि जिस आफताब को अपनी लिव-इन पार्टनर की हत्या करने और उसके शरीर को 35 टुकड़ों में काटने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, वह मई में अपने दाहिने हाथ पर चाकू से हुए एक घाव के इलाज के लिए उनके पास गया था। युवती की हत्या उसी महीने की गई थी।

शव को काटते वक्त आफताब के हाथ पर हुआ चाकू का घाव!
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आफताब ने जिस कमरे में श्रद्धा के शव के टुकड़े फ्रिज में रखे थे, वह उसी कमरे में लगातार 18 दिन सोता रहा। इतना ही नहीं वह रोज फ्रिज खोलकर श्रद्धा के कटे हुए सिर को भी देखता था। जांच से जुड़े पुलिस अधिकारियों को संदेह है कि श्रद्धा के शरीर को काटते समय उसके हाथ पर चाकू का घाव हुआ होगा। एपेक्स अस्पताल आरोपी के घर से करीब है। डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि मई में आफताब के दाहिने हाथ में कटे का घाव होने के कारण वह सुबह में अस्पताल आया था। उन्होंने कहा, "घाव गहरा नहीं था और हाथ की अंडरलाइन संरचना बरकरार थी। जब मैंने उससे पूछा कि कैसे कट गया, तो उसने बताया कि फल काटते समय चाकू लग गया। मुझे उस पर संदेह नहीं हुआ था, क्योंकि उसने जो दिखाया, वह एक छोटा साफ चाकू था।"

डॉक्टर को आक्रामक लगा था आफताब का स्वभाव
कुमार ने कहा, "पुलिस दो दिन पहले आफताब पूनावाला के साथ यहां आई थी। पुलिस ने मुझसे पूछा कि क्या मैंने उसका इलाज किया है, जिस पर मैंने हां कहा। मैंने याद किया कि जब वह इलाज के लिए आया था तो उसका स्वभाव आक्रामक लगा था और उसके अंदर की बेचैनी उसके चेहरे से झलक रही थी।" डॉक्टर ने कहा, "वह बहुत साहसी और आत्मविश्वासी था और मुझसे लगातार अंग्रेजी में बात करता रहा। उसने मुझे यहां तक कहा कि वह मुंबई से है और आईटी क्षेत्र में एक मौका तलाशने के लिए यहां आया है।"

चाकू का इस्तेमाल करने में माहिर था हत्यारा
18 मई को श्रद्धा के शव के टुकड़े करने के बाद आरोपी ने अगले दिन नया रेफ्रिजरेटर खरीदा और टुकड़ों को उसमें जमा कर दिया। बदबू से बचने के लिए वह अपने घर में अगरबत्तियां जलाता रहा। आफताब अमेरिकी अपराध शो 'डेक्सटर' से प्रेरित था, जो एक ऐसे व्यक्ति की कहानी बताता है जो दोहरी जिंदगी जीता है। सूत्रों के मुताबिक, प्रशिक्षित शेफ होने के नाते आरोपी चाकू का इस्तेमाल करने में माहिर था। हालांकि अभी तक हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद नहीं हुआ है।

रात 2 बजे शव के टुकड़ों को जंगल में फेंकता था आरोपी
उसने 18 दिनों की अवधि में युवती के शरीर के टुकड़ों को कई जगहों पर फेंका था। शक से बचने के लिए वह रात करीब 2 बजे पॉलीबैग में शव के टुकड़ों को रखकर घर से निकल जाता था। मामला 8 नवंबर को तब सामने आया, जब पीड़िता के पिता महाराष्ट्र के पालघर से एक पुलिस टीम के साथ महरौली पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराने आए।