A
  1. Hindi News
  2. एजुकेशन
  3. प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस पर दिल्ली सरकार ने कसी नकेल, जानें नए कानून में क्या-क्या है खास

प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस पर दिल्ली सरकार ने कसी नकेल, जानें नए कानून में क्या-क्या है खास

दिल्ली के निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर लगाम लगाते हुए रेखा गुप्ता सरकार ने नया फीस रेगुलेशन कानून लागू किया। अब हर तरह की फीस को पारदर्शी तौर पर सार्वजनिक करना स्कूलों के लिए जरूरी होगा।

delhi private schools fees- India TV Hindi
Image Source : PTI (सांकेतिक तस्वीर) दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों की फीस पर लगाम के लिए नए कानून का नोटिफिकेशन जारी।

नई दिल्ली: प्राइवेट स्कूलों में फीस पर जारी विवाद और अभिभावकों की बढ़ती शिकायतों के बीच दिल्ली की सरकार ने बड़ा फैसला किया है। लंबे समय से चर्चा में रहे फीस रेगुलेशन कानून को आखिरकार मंजूरी मिल गई। नए कानून के तहत अब दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों की फीस पर कड़ी निगरानी की जाएगी। इसके जरिए फीस की मनमानी वसूली पर पूरी तरह रोक लगाने का दावा हो रहा है।

प्राइवेट स्कूलों में फीस स्ट्रक्चर और होगा पारदर्शी

दिल्ली सरकार ने दिल्ली स्कूल शिक्षा (शुल्क निर्धारण और विनियमन में पारदर्शिता) अधिनियम, 2025 का नोटिफिकेशन जारी किया है। दिल्ली विधानसभा में पास होने के 4 महीने बाद इस कानून को एलजी वी. के. सक्सेना ने मंजूरी दी। नई कानून के अंतर्गत प्राइवेट स्कूलों में फीस स्ट्रक्चर को पारदर्शी और नियंत्रित करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं।

कोई भी हिडेन फीस अब नहीं देगी पड़ेगी

नोटिफिकेशन के मुताबिक, स्कूलों को हर शुल्क घटक को अलग-अलग पब्लिक करना होगा और हर कैटेगरी के लिए अलग अकाउंट बनाए रखना अनिवार्य होगा। प्राइवेट, गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त स्कूल अब महज रजिस्ट्रेशन फीस, एडमिशन फीस, शिक्षण शुल्क, एनुअल फीस और विकास शुल्क के अंतर्गत ही धनराशि वसूल सकेंगे।

प्रावधानों के तहत-

रजिस्ट्रेशन फीस: 25 रुपये

एडमिशन फीस: 200 रुपये

सुरक्षा जमा राशि: 500 रुपये (ब्याज सहित वापसी योग्य)

डेवलपमेंट फीस: वार्षिक ट्यूशन शुल्क के 10% से ज्यादा नहीं

सितंबर में पेश हुआ था स्कूल फीस वाला बिल

इस नए कानून से आशा जताई जा रही है कि दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में फीस से जुड़ी शिकायतों पर रोकथाम होगी और अभिभावकों व स्टूडेंट्स दोनों के हितों की रक्षा सुनिश्चित होगी। जान लें कि सीएम रेखा गुप्ता और एजुकेशन मिनिस्टर आशीष सूद ने सितंबर में यह बिल विधानसभा में पेश किया था, जब शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में तमाम प्राइवेट स्कूलों की तरफ से फीस में बढ़ोतरी को लेकर अभिभावकों की ओर से शिकायतें आ रही थीं। बिल पेश करते हुए आशीष सूद ने कहा था कि आज दिल्ली के एजुकेशन सिस्टम के लिए सुनहरा दिन है। 27 साल में पहली बार CM रेखा गुप्ता की लीडरशिप में एक ऐतिहासिक बिल पेश किया जा रहा है।

ये भी पढ़ें- 

'राजनीति में सफलता केवल भाषणों से नहीं, बल्कि...', बागी हुए उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के विधायक!

कौन हो सकता है यूपी बीजेपी का नया प्रदेश अध्यक्ष? सामने आया ये नाम, केंद्रीय नेतृत्व की भी है पहली पसंद

Latest Education News