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भारत बनेगा ग्लोबल एजुकेशन हब: 5 शीर्ष विदेशी यूनिवर्सिटीज को मिला भारत में कैंपस खोलने का LoI

दुनिया की पांच प्रतिष्ठित विदेशी यूनिवर्सिटीज को भारत में अपने कैंपस खोलने के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) दिए गए हैं। यह कदम देश को वैश्विक शिक्षा केंद्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।

सांकेतिक फोटो- India TV Hindi
Image Source : PEXELS सांकेतिक फोटो

भारत के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक क्षण आया है, जब दुनिया की पांच प्रतिष्ठित विदेशी यूनिवर्सिटीज को देश में अपने कैंपस खोलने के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) प्रदान किए गए। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत लागू किए गए नए नियमों के तहत संभव हो पाया है, और इसे भारत को एक वैश्विक शिक्षा केंद्र (Global Education Hub) बनाने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है। 

किन यूनिवर्सिटीज को मिला LoI?

भारत में कैंपस खोलने के लिए LoI प्राप्त करने वाली यूनिवर्सिटीज में शामिल हैं-

  • यूनिवर्सिटी ऑफ एबरडीन (यूके)
  • यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क (यूके)
  • यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया (ऑस्ट्रेलिया)
  • इलिनॉय इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (यूएसए)
  • इस्तितूतो यूरोपीओ दी डिज़ाइन – IED (इटली)

नवी मुंबई बनेगा एजु-सिटी का केंद्र

इन यूनिवर्सिटीज के नए कैंपस मुंबई के पास प्रस्तावित नवी मुंबई की एजु-सिटी में स्थापित किए जाएंगे, जो कि नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास विकसित की जा रही है। इस परियोजना को केंद्र और राज्य सरकार दोनों का पूरा समर्थन मिला है।

गणमान्य लोगों की मौजूदगी में हुआ समारोह

मुंबई में आयोजित LoI सेरेमनी में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, और उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल मौजूद रहे। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "आज भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, और अब हम शिक्षा में भी वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनने की दिशा में अग्रसर हैं। अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों की मौजूदगी से भारतीय छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षा देश में ही मिल सकेगी।" वहीं मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, "हम नवी मुंबई को एक विश्वस्तरीय एजु-सिटी बनाना चाहते हैं, जो भारत ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया में शिक्षा का सबसे बड़ा केंद्र बने।"

क्या होगा फायदा?

  • छात्रों को विदेश जाए बिना ही इंटरनेशनल डिग्री प्राप्त करने का मौका
  • शिक्षा की गुणवत्ता और रिसर्च के स्तर में सुधार
  • विदेशी यूनिवर्सिटीज की फीस की तुलना में किफायती शिक्षा
  • भारत में ब्रेन ड्रेन पर रोक
  • रोजगार और नवाचार के नए अवसर

भविष्य की योजनाएं

केंद्रीय मंत्री प्रधान ने जानकारी दी कि फिलहाल 5 यूनिवर्सिटीज को LoI जारी किए गए हैं, और 6 अन्य यूनिवर्सिटीज के साथ बातचीत जारी है। इसके अलावा IIT मद्रास, IIT दिल्ली, IIFT जैसे भारतीय संस्थानों ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने कैंपस खोलकर एक नई दिशा दिखाई है।

राज्य और केंद्र सरकार की साझा पहल

इस प्रोजेक्ट के तहत महाराष्ट्र सरकार और केंद्र की UGC मिलकर नवी मुंबई एजु-सिटी के लिए जमीन, कनेक्टिविटी, और नियामक ढांचे को तैयार कर रही है। राज्य के गढ़चिरोली स्थित गोंडवाना यूनिवर्सिटी ने भी यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के साथ टाई-अप किया है, जिससे क्षेत्रीय विकास को भी बल मिलेगा।

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