पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ कानून को लेकर हुई हिंसक प्रदर्शन के बाद अब इलाके में आम जनजीवन सामान्य होता दिख रहा है। मुर्शिदाबाद में अब 10 दिन बाद फिर से स्कूल खोले गए, जो हिंसा के बाद से बंद चल रहे थे। इसे लेकर अब अभिभावकों व माता-पिता का दर्द सामने आया है। बता दें कि शुरुआती अप्रैल में वक्फ कानून को लेकर मुर्शिदाबाद में हिंसा की घटनाएं घटी, जहां एक बाप-बेटी की उन्मादी भीड़ ने हत्या कर दी थी।
10 दिन बाद खुले स्कूल
एएनआई के मुताबिक, 11 अप्रैल को वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में भड़की हिंसा के बाद मुर्शिदाबाद में कड़ी सुरक्षा के बीच धीरे-धीरे रोजमर्रा की जिंदगी फिर से शुरू हो रही है। इसे लेकर मुर्शिदाबाद के ही रहने वाले एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा, "यहां 10 दिनों के बाद स्कूल फिर से खुल गए हैं। 11 अप्रैल को हुई हिंसा के कारण स्कूल बंद कर दिए गए थे। धुलियान में स्थिति अब बेहतर है। अब कोई समस्या नहीं है। यहां पहले कभी ऐसी घटना नहीं हुई।"
अभिभावक बोले- बच्चों की पढ़ाई पर होगा असर
वहीं, एक अन्य स्थानीय व्यक्ति ने बच्चों की पढ़ाई के असर पर चिंता व्यक्त की। स्थानीय व्यक्ति देव कुमार साहा ने कहा "आज 10 दिनों के बाद स्कूल फिर से खुल गए हैं। हिंसा के कारण छात्रों के लिए स्कूल और ट्यूशन बंद कर दिए गए थे। इससे उनकी पढ़ाई पर बहुत असर पड़ने वाला है।"
290 लोग हुए गिरफ्तार
गौरतलब है कि मुर्शिदाबाद हिंसा को लेकर एसआईटी जांच कर रही है। एसआईटी की जांच में सामने आया है कि 35 आतंकवादियों ने बॉर्डर पार मुर्शिदाबाद में आतंक मचाया। ये सभी आंतकी बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकी संगठन अंसारुल्लाह बांग्ला टीम के हिस्सा हैं। एसआईटी ने आगे बताया कि हिंसा मामले में धरपकड़ जारी है। मामले में अब तक 290 लोग पकड़े जा चुके हैं। आझ इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी होने वाली है।
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