Chhattisgarh Assembly Elections 2018: किंग या फिर किंगमेकर भी भूमिका में हैं ये पांच दिग्गज
आइए जानते हैं उन पांच चेहरों के बारे में जो इस चुनाव में या तो किंग या फिर किंग मेकर की भूमिका निभाएंगे।

अजीत जोगी छत्तीगसढ़ का सबसे चर्चित चेहरा है जिसे गांधी परिवार से नज़दीकी के चलते दिल्ली में भी अच्छी पहचान हासिल है। जोगी छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री हैं लेकिन न तो वे और न ही कांग्रेस को कभी भी छत्तीसगढ़ में जीत नसीब हुई है। अजीत जोगी ने अपने करियर की शुरुआत बतौर कलेक्टर की थी।1986 में उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन की। 2016 में कांग्रेस से बगावत कर जोगी ने अपनी अलग पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ बनाई।
चरणदास महंत
मनमोहन सरकार में कृषि राज्य मंत्री रहे चरणदास महंत भी इस बार राज्य की राजनीति में दांव आजमा रहे हैं। अपने बयानों के लिए चर्चा में रहे महंत राज्य के जांजगीर चांपा क्षेत्र से आते हैं। इस बार पार्टी ने उन्हें सक्ति विधानसभा सीट से खड़ा किया है। महंत 1998 में पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए थे। उसके बाद से वे 3 बार सांसद रहे। इस बार के चुनावों में पार्टी स्तर पर उन्हें कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।
बृजमोहन अग्रवाल
छत्तीसगढ़ की मौजूदा रमन सरकार में नंबर 2 का ओहदा रखने वाले बृजमोहन अग्रवाल खांटी जमीनी नेता हैं। अग्रवाल समाज से आने के चलते व्यापारी समुदाय में उनका काफी दबदबा है। मध्य प्रदेश के समय से विधानसभा सदस्य रहे अग्रवाल की भाजपा संगठन में भी अच्छी पकड़ है। उन्हें पक्ष-विपक्ष से लेकर बूथ मैनेजमेंट में भी महाराथ हासिल है।