मोदी सरकार के पास बचे हैं सिर्फ 70 दिन, उसके बाद शुरू हो जाएगी सबसे बड़ी राजनीतिक लड़ाई
अगर हम 2004, 2009 और 2014 की चुनाव तारीखों को देखें तो आम तौर पर चुनाव आयोग मार्च के पहले हफ्ते में चुनाव तारीखों का ऐलान करता आया है

अगर चुनाव आयोग पिछली बार की तरह इस बार भी मार्च के पहले हफ्ते में 2019 के चुनाव कार्यक्रम का ऐलान करता है तो मार्च के पहले हफ्ते से चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी।
यानि चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले मोदी सरकार के पास 70-71 दिन का ही समय बचा है (59 दिन जनवरी और फरवरी के और 10-11 दिन दिसंबर के) केंद्र सरकार को इन्हीं 70-71 दिन में बचे हुए सारे काम करने हैं, क्योंकि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद केंद्र सरकार के पास अधिकार नहीं बचेंगे।
चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद सत्तारूढ़ दल सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल नहीं कर सकते, मंत्रियों को राजनीतिक दौरों और सरकारी दौरों से अलग रखना पड़ता है। यहां तक की सरकारी योजनाओं के विज्ञापन के लिए सरकारी खजाने का इस्तेमाल भी बंद कर दिया जाता है। सरकार किसी भी तरह के निर्माण के लिए पैसा जारी नहीं कर सकती। यानि चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले मोदी सरकार के पास अब 70-71 दिन का ही समय बचा है, 70 दिन के बाद देश में सबसे बड़ी राजनीतिक लड़ाई शुरू हो जाएगी।