मुंबई: किसी भी फिल्म के लिए क्रिएटिविटी बहुत जरूरी है और जरूरी है नयापन। लेकिन आजकल क्या हो रहा है? पुराने गाने रीमेक हो रहे हैं, पुरानी फिल्में रीमेक हो रही हैं। कभी किसी फिल्म से प्रेरणा ली जाती है तो कभी पूरी की पूरी फिल्म बिना राइट लिए ही रीमेक कर ली जाती है। विदेशी फिल्मों से भी बॉलीवुड कॉपी करता है तो कभी भारत में ही बनी बंगाली, तमिल, तेलुगू और मराठी फिल्मों का रीमेक बना डालता है। चाहे वो 'सैराट' से बनी 'धड़क' हो या फिर सलमान, अक्षय की 'वॉन्टेड' और 'राउडी राठौड़' जैसी फिल्में। सलमान खान की आने वाली फिल्म 'भारत' को ही ले लीजिए, यह फिल्म साउथ कोरियन मूवी 'ओड टू माय फादर' से इन्सपायर है। लेकिन सिर्फ ऐसा नहीं है कि हम ही हॉलीवुड को कॉपी कर रहे हैं, या उनसे इन्स्पायर होकर फिल्में बना रहे हैं। हॉलीवुड फिल्ममेकर्स भी बॉलीवुड की फिल्मों से प्रेरणा लेकर अपनी फिल्में बनाते हैं और अवॉर्ड भी जीतते हैं। चौंक गए ना, लेकिन यह सच है। हमारी फिल्में भी हॉलीवुड में कॉपी हुई हैं। आज आपको कुछ ऐसी ही फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं।
जस्ट गो विद इट- मैंने प्यार क्यों किया?
10 Times Hollywood Copied From Our Indian Movies
पिछले दिनों मैं फिल्म देख रही थी 'जस्ट गो विद इट', फिल्म देखते-देखते मुझे एहसास हुआ कि यह फिल्म तो अपने सलमान खान, कटरीना कैफ और सुष्मिता सेन की 'मैंने प्यार क्यों किया?' जैसी लग रही है, इसके बाद मुझे पता चला कि उस जैसी नहीं बल्कि यह फिल्म तो बिल्कुल वही है। जैसा हमेशा होता आया है मैंने सोचा कि इसी फिल्म से इंस्पायर होकर बॉलीवुड फिल्म ''मैंने प्यार क्यों किया'' बनी होगी। इसके बाद मैंने खोजबीन की तो पता चला कि बॉलीवुड फिल्म ''मैंने प्यार क्यों किया'' पहले आई थी जबकि बाद में ''जस्ट गो विद इट'' आई है। हालांकि जब इसकी डिटेल्स में मैं गई तो पता चला दोनों ही फिल्में साल 1969 में आई हॉलीवुड फिल्म ''कैक्टस फ्लॉवर'' से इंस्पायर है। पुरानी वाली फिल्म का फ्लेवर अलग जरूर है लेकिन काफी हद तक दोनों फिल्में उससे इन्स्पायर है।
जब वी मेट- लीप ईयर
10 Times Hollywood Copied From Our Indian Movies हॉलीवुड फिल्म ''लीप ईयर'' के निर्माताओं ने यह बात कभी मानी नहीं कि उनकी यह फिल्म आइकॉनिक मूवी ''जब वी मेट'' से इन्सपायर है। लेकिन फिल्म काफी हद तक एक जैसी ही है। दोनों फिल्म की कहानी एक ऐसी लड़की की है जो घर से भागकर बॉयफ्रेंड से शादी करने जाती है। रास्ते में बहुत सी प्रॉब्लम्स आती हैं। एक दुखी और शांत आदमी उसकी मदद करता है। दोनों ही फिल्मों में लड़का-लड़की एक होटल में रहने और रूम शेयर करने को लेकर लड़ते हैं और बाद में दोनों में प्यार हो जाता है। दोनों फिर मिलते हैं, बिछड़ते हैं और फिर मिलते हैं। दोनों फिल्मों में एक ही अंतर मुझे समझ में आया है और वो ये कि एक फिल्म पंजाबी बैकग्राउंड में फिल्माई गई है तो दूसरी फिल्म आइरिश कल्चर को दर्शा रही है।