नई दिल्ली: आजकल युवाओं में वेब सीरीज को लेकर काफी क्रेज है। एक तो ये टीवी सीरियल्स की तरह लंबे नहीं होते, दूसरा आसानी से कभी भी कहीं भी देखा जा सकता है। दर्शकों की इसी पसंद का ध्यान रखते हुए फिल्म मेकर विक्रम भट्ट ने भी वेब सीरीज की राह पकड़ ली है। 'ट्विस्टेड' और 'माया' जैसी बेहतरीन वेब सीरीज के बाद विक्रम भट्ट ने 'हद' नाम की एक नई वेब सीरीज लॉन्च की है।
ये कहानी 3 युवा लड़कों की है। सीरीज में वीर का किरदार प्ले करने वाले अभिनेता प्रणव सचदेव से हमने बात की है। थियेटर और टीवी सीरियल में काम कर चुके प्रणव पहली बार वेब के लिए अभिनय कर रहे हैं।
प्रणव इस वेब सीरीज में आपका किरदार ग्रे शेड है, किस तरह से आपने इस किरदार के लिए खुद को तैयार किया?
मेरा किरदार इस सीरीज में ग्रे है और उसकी आंखें भी ग्रे हैं। शो में तीन लड़के हैं, तीनों एक-दूसरे से काफी अलग है। मेरे कैरेक्टर का डबल रोल है। दो भाई हैं, एक वीर और एक समीर। एक अच्छा होता है और एक बुरा। बाकी जानने के लिए आपको शो देखना पड़ेगा।
आपकी आंखें वास्तव में ग्रे हैं, या इस किरदार को प्ले करने के लिए आपने ग्रे लेंस का प्रयोग किया है?
मेरी रियल आंखें ग्रे नहीं है। मेरे डायरेक्टर सिद्धांत सचदेव को लगा मैं बहुत इनोसेंट (मासूम) लग रहा हूं। उन्होंने कहा तुम किसी कॉलेज के लड़के जैसे लग रहे हो। उन्होंने कहा इसे खतरनाक दिखाने के लिए मैं लेंस दे देता हूं, फिर मुझे लेंस दिया गया।
विक्रम भट्ट के साथ आपका एक्सपीरियंस क्या रहा?
विक्रम सर लंबे समय से बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। हद एक अमेरिकन शो से इंस्पायर है, और एक बेहतरीन शो है। मुझे लगता है इस तरह की वेब सीरीज भारत में पहले कभी नहीं बनी है। विक्रम भट्ट ने इस शो को लिखा भी है।
आप पहली बार निगेटिव किरदार निभा रहे हैं, जब इस शो का ऑफर मिला तो आप पहली बार में ही मान गए नकारात्मक किरदार निभाने के लिए?
मेरे दिमाग में हमेशा से यह था कि बहुत रोमांटिक हीरो जैसा लगता हूं। मुझे पता चला कि मुझे जो रोल दिया गया है वो विलेन का है तो मुझे डर लग रहा था। मैंने सोचा फिर मुझे लगा शायद दोबारा ऐसा ऑफर नहीं मिलेगा। फिर मैंने इसे सकारात्मक लिया और इस पर मेहनत शुरू की और काम किया।
इस सीरीज में आपने काफी इंटीमेट सीन दिए हैं, क्या आप इसके लिए पहले से तैयार थे?
मैं सबसे ज्यादा नर्वस लव मेकिंग सीन्स को लेकर था। मैं डरा हुआ था, मैंने ये सब पहले कभी स्क्रीन पर किया नहीं था। ये सब करते हुए मैं सोच रहा था मेरी गर्लफ्रेंड मुझे नहीं छोड़ेगी।
अभी तक तो अच्छा ही लग रहा है क्योंकि शो को रिस्पॉन्स अच्छा मिल रहा है। हालांकि इस बारे में हमारी ज्यादा बात नहीं हो पाई, क्योंकि मैं भी काम कर रहा हूं और वो भी बिजी हैं। हालांकि अभी तक तो सब अच्छा ही रहा है।
बहुत अच्छा था, क्योंकि हम सब एक ही उम्र के थे, मैं भी दिल्ली का हूं और ज्यादातर लोग दिल्ली के ही हैं, तो हमारा टेस्ट, हमारा बैकग्राउंड एक जैसा था। हमारे पास बहुत कुछ होता था बात करने के लिए। हम लोग तो खाने पर भी लंबी बात कर लेते थे। हम सब साथ मिलकर मुंबई की बुराई भी कर लेते थे। हमारा वक्त एक-दूसरे के साथ बहुत अच्छा कटता था।
टीवी सीरियल थोड़ा सा नीरस होता है, क्योंकि 6 महीने तक आपको एक ही तरह का रोल रोज जाकर करना होता है। वेब सीरीज इसलिए अच्छा लगा क्योंकि यह सायनाइड था। टेलीविजन शो शुरू होते हैं तो उनका कोई अंत नहीं होता है। लेकिन वेब सीरीज में हमें सबकुछ पता होता है कि कहां से शुरू हो रहा है हमारा शो और कहां जाना है इस कैरेक्टर को? डिजिटल का स्केल बहुत बड़ा है, बड़े-बड़े लोग इसमें अपना पैसा इन्वेस्ट कर रहे हैं। उस वजह से भी वेब काफी ग्रूम कर रहा है और करेगा। यह मेरे लिए बहुत बड़ा मौका था। निजी रूप से मुझे वेब सीरीज में काम करना ज्यादा अच्छा लगा। लेकिन मैं टेलीविजन को भी नकार नहीं सकता हूं, वहां भी आपको एक्टिंग करने का प्लेटफॉर्म मिलता है।
मुझे एक्टिंग करना बहुत पसंद है, मैं कहीं भी शुरू हो सकता हूं। पर्सनली मुझे वेब सीरीज टेलीविजन से ज्यादा बेहतर लगा। मेरा एक और प्रोजेक्ट वेब का ही है।