मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता-निर्देशक राहुल बोस लंबे वक्त के बाद एक बार फिर से अपनी फिल्म 'पूर्णा' से निर्देशन के क्षेत्र में वापसी करने जा रहे हैं। उनका कहना है कि इससे देश के लोगों को खुशी मिलेगी और वे गौरवान्वित महसूस करेंगे। तेलंगाना की एक आदिवासी लड़की मालावथ पूर्णा की एक सच्ची घटना पर 'पूर्णा' फिल्म आधारित है। 25 मई 2014 को माउंट एवरेस्ट फतह करके पूर्णा ने ऐसा करने वाली विश्व की सबसे कम उम्र की लड़की होने का इतिहास रच दिया था। सुबह छह बजे जब उसने भारतीय तिरंगा लहराया उस समय वह केवल 13 साल की थी।
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राहुल ने पिछली बार वर्ष 2001 में आई फिल्म 'एवरीबॉडी सेज आई एम फाइन' का निर्देशन किया था। उनका कहना है कि उसने यह खास कहानी इसलिए चुनी क्योंकि यह प्रेरणादायी है। फिल्म में पूर्णा के मार्गदर्शक की भूमिका में बोस खुद भी नजर आएंगे।
राहुल इससे पहले फिल्म 'दिल धड़कने दो' में दिखाई दिए थे। वह पूर्णा और उसके पिता पर फिल्म दिखाने को तैयार हैं और उन्होंने इस फिल्म को उनके गांव तक ले जाने की योजना बनाई है।
राहुल ने कुछ वक्त पहले फिल्म को लेकर कहा था, "हमने पूर्णा के पिता और डॉ. आर एस. प्रवीण कुमार से फिल्म के लिए अधिकार खरीदे हैं। लेकिन नाम बदलना और फिल्म में मेरा होना आसान नहीं होगा।
तेलंगाना की एक लड़की अदिति इनामदार पर्दे पर पूर्णा की भूमिका साकार करेगी। राहुल बोस ने पर्दे पर पूर्णा की भूमिका के लिए कुछ आदिवासी लड़कियों सहित 109 लड़कियों का ऑडिशन लिया जिसमें आदिति का चयन किया गया।
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