मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के अभिनय से सजी आगामी फिल्म ‘रईस’ इन दिनों काफी चर्चा में बनी हुई है। कुछ वक्त पहले ही फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया गया है, जिसे दर्शकों के बीच खूब पसंद किया जा रहा है। फिल्म में किंग खान एक अलग ही अंदाज में नजर आ रहे हैं। जहां एक तरफ दर्शक उनकी इस फिल्म की रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, वहीं इस फिल्म ने मुंबई के एक मोची को प्रेरित किया है। दरअसल इस मोची की दुकान के बाहर 'रईस' के एक संवाद का बैनर लगा है।
इसे भी पढ़े:-
इस बैनर में शाहरुख अपने अलग अंदाज में दिख रहे हैं। मोची श्याम बहादुर रोहिदास की दुकान के बाहर लगे इस बैनर में लिखा है, "कोई धंधा छोटा नहीं होता और धंधे से बड़ा कोई धर्म नहीं होता।" मुंबई में अपना धंधा करने वाले श्याम बहादुर रोहिदास मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के हैं। इन्होंने ही अपने दुकान के बाहर एक बैनर में रईस का संवाद लिखकर लगाया हुआ है। मोची श्याम की कहानी प्रभावित भी करती है और झकझोरती भी देती है।
वह बताते हैं कि उनके दोस्तों में डॉक्टर, इंजीनियर, व्यवसायी और मोची भी हैं। इस धंधे को अपनाने के बारे में श्याम कहते हैं, "मेरे पिताजी कारखाने में काम करते थे। वह काम के बाद पार्ट टाइम तौर पर मोची का काम करते थे। मैं मुंबई काम की तलाश में आया था। तभी यहां मैंने कारीगरी सीखी। मैंने खुद से अपनी कला और कौशल को विकसित किया न कि एक मोची का बेटा कहलाया।"
उन्होंने कहा, "मैंने जी तोड़ मेहनत की और आज मेरी खुद की एक दुकान है। मैंने शाहरुख की फिल्म रईस का यह संवाद सुना तो मुझे इससे जुड़ाव महसूस हुआ। मुझे मोची होने के कारण कभी कभार थोड़ी झिझक भी होती थी लेकिन शाहरुख के इस संवाद ने मेरा हौसला बढ़ाया है।"
Latest Bollywood News