मुंबई: अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘एम.एस.धौनी: द अन्टोल्ड’ स्टोरी को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। इस फिल्म में वह भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धौनी की भूमिका निभाते हुए नजर आ रहे हैं। सुशांत ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत छोटे पर्दे से की थी, इसके बाद उन्होंने बड़े पर्दे का रुख कर लिया। सुशांत कभी जोखिम लेने में हिचकिचाए नहीं हैं, चाहे छोटे पर्दे पर काम करना हो या फिर बॉलीवुड में आकर 'काई पोछे' और 'डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी' जैसी ऑफबीट फिल्में करना हो।
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सुशांत का कहना है कि वह जीवन में कुछ रोमांचकारी करने के लिए लालायित रहते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि जोखिम जिंदगी का हिस्सा होते हैं, लेकिन इन्हें जरूरत से ज्यादा महत्व दिया जाता है।
सुशांत ने खास बातचीत में यह राय जाहिर की। निजी हैसियत में और बतौर अभिनेता उनकी जीवन यात्रा के बारे में पूछने पर सुशांत ने कहा, "यह हमारी धारणा है कि रंगमंच से फिल्मों की ओर जाना स्वभाविक है, लेकिन ऐसा नहीं है। एक अभिनेता के रूप में आपका काम समान होता है। मैं अपने जीवन में रोमांचकारी चीजें करने के लिए लालायित रहता हूं और यह तब होता है जब मैं ऐसी फिल्मों या चरित्रों का चुनाव करता हूं जिन्हें पहली बार मैं नहीं समझ सका था।"
उन्होंने कहा कि उत्साह या रोमांच समझने की प्रक्रिया के दौरान होता है। जोखिम आधारभूत तथ्य है, इसे काफी बढ़ा चढ़ा दिया गया है।
अभिनेता ने यह बातें संवाददाताओं से लैक्मे फैशन वीक विंटर उत्सव के दौरान कहीं। बुधवार को उन्होंने दिग्गज डिजाइनर मनीष मल्होत्रा के लिए फिल्म 'राबता' की शूटिंग में घायल होने के बावजूद रैंप वॉक भी किया। सुशांत का मानना है कि अब फिल्मों में किरदार के अनुसार पहनावे पर ध्यान दिया जाने लगा है जबकि पहले की फिल्मों में कथानक महत्वपूर्ण होता था।
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