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Bharat Bhagya Vidhata trailer: देशभक्ति के रंग में डूबी दिखीं कंगना रनौत, आतंकी हमले का दिखाएंगी दंश

कंगना रनौत की फिल्म Bharat Bhagya Vidhata देशभक्ति के भावनाओं से सरावोर है। इसमें कंगना ने एक नर्स का रोल प्ले किया है।

Kangana Ranaut- India TV Hindi
Image Source : IMAGE SOURCE-INSTAGRAM@IMDB कंगना रनौत

कंगना रनौत की अपकमिंग फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' का ट्रेलर रिलीज हो गया है। फिल्म 12 जून को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है। ट्रेलर में इसकी दमदार कहानी की झलक देखने को मिल रही है। फिल्म की कहानी 26/11 आतंकी हमलों के दंश को बयां करती दिखने वाली है। कंगना ने एक नर्स का रोल प्ले किया है। 

क्या है फिल्म की कहानी?

ज्यादातर एक अस्पताल के तनावपूर्ण माहौल में फिल्माया गया यह ट्रेलर बाहर की अराजकता और अंदर के साहस के बीच एक मार्मिक विरोधाभास को दर्शाता है। जैसे-जैसे शहर में भय का माहौल बढ़ता जाता है, अस्पताल के कर्मचारी, नर्स, वार्ड बॉय, सफाईकर्मी, सुरक्षाकर्मी, लिफ्ट ऑपरेटर और प्रशासक अपने पदों को छोड़ने से इनकार कर देते हैं। वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित यह ट्रेलर एक भयावह सच्चाई को रेखांकित करता है: उनके बिना, व्यवस्था एक ही दिन में ध्वस्त हो जाएगी। फिल्म को मनोज तपाड़िया ने डायरेक्ट किया है और इसे खुद कंगना रनौत ने अपने प्रोडक्शन बैनर तले बनाया है। फिल्म में कंगना के साथ गिरिजा ओक भी दमदार रोल में दिखने वाली हैं। 

आतंकी हमलों से जूझने वाली नर्सों की कहानी

भारत भाग्य विधाता का ट्रेलर मुंबई के कामा अस्पताल के कर्मचारियों के व्यस्त और अक्सर निराशाजनक जीवन को दर्शाता है। मरीजों की देखभाल के साथ-साथ, उन्हें पारिवारिक अपेक्षाओं और अपने काम के प्रति सराहना की कमी का भी सामना करना पड़ता है। कंगना रनौत का किरदार उनकी निराशा को इस तरह व्यक्त करता है, 'जब आपका अपना परिवार ही आपका सम्मान नहीं करता, तो आप बाहरी लोगों से क्या उम्मीद कर सकते हैं?' हालात बिगड़ते जा रहे हैं, अस्पताल के अधिकारी नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करने की कोशिश करते हैं, लेकिन कंगना का किरदार सवाल उठाता है कि आतंकी हमले के दौरान ऐसे प्रोटोकॉल का कोई महत्व है भी या नहीं। अस्पताल में नवजात शिशुओं, गर्भवती महिलाओं और कमजोर मरीजों की भारी भीड़ होने के बावजूद, कर्मचारी खतरे के बावजूद वहीं रुकने का फैसला करते हैं। हमलावरों के अस्पताल में घुसते ही बिजली गुल हो जाती है, ऐसे में नर्सें मरीजों की रक्षा करने, घायलों को स्थानांतरित करने और अंधेरे में भी जरूरी सेवाएं जारी रखने के लिए मजबूर हो जाती हैं। अब देखना होगा कि क्या ये फिल्म सिनेमाघरों तक दर्शकों को खींचने में सफल रहती है या नहीं। 

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