नाना पाटेकर भारतीय सिनेमा के सबसे मंझे हुए कलाकारों में गिने जाते हैं। वह जब भी पर्दे पर आए हैं, अपने अभिनय का लोहा मनवाने में सफल रहे हैं। नाना पाटेकर आज के समय में भले ही एक बड़े स्टार हैं, लेकिन उनका बचपन गरीबी में गुजरा है। यही वजह है कि उन्होंने 13 साल की उम्र से ही काम करना शुरू कर दिया था। एक समय था जब वह दो वक्त की रोटी जुटाने के लिए फिल्मों के पोस्टर पेंट किया करते थे और धीरे-धीरे अभिनय की दुनिया में कदम रखा और फिर अपने लिए अलग मुकाम बनाया। 1 जनवरी 1951 को जन्मे नाना पाटेकर आज अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर आपको उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ ऐसे तथ्यों से रूबरू कराते हैं, जिनके बारे में कम ही लोग जानते हैं।
कैसे किया एक्टिंग डेब्यू
नाना पाटेकर एक समय पर चूना-भट्टी में काम करते थे। उन्होंने कई फिल्मों में पोस्टर पेंट करने का भी काम किया, ताकि दो वक्त की रोटी जुटा सकें। इसी बीच उन्होंने फिल्मों की दुनिया में कदम रखा। उनके फिल्मी करियर की शुरुात 1978 में आई 'गमन' से हुई थी, लेकिन उन्हें पहचान 'परिंदा' ने दिलाई, जिसमें उन्होंने खलयानक की भूमिका निभाई थी। इस फिल्म के लिए उन्होंने सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीता था।
बेहद साधारण जिंदगी जीते हैं नाना पाटेकर
नाना पाटेकर यूं तो बॉलीवुड के नामी एक्टर हैं और करोड़ों में उनकी संपत्ति है, इसके बाद भी वह बेहद साधारण जिंदगी जीना पसंद करते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि वह एक एक्टर होकर मुंबई में नहीं रहते। उन्होंने अमिताभ बच्चन के शो 'कौन बनेगा करोड़पति' के एक एपिसोड में शिरकत की थी, इसी दौरान उन्होंने बिग बी को अपने गांव भी आमंत्रित किया था। शो में उन्होंने अपनी लाइफस्टाइल के बारे में बात करते हुए बताया था कि वह शहर की जगह गांव में रहना पसंद करते हैं।
1 बीएचके अपार्टमेंट में रहते हैं नाना पाटेकर
नाना पाटेकर का पुणे के पास खड़कवासला में एक फार्महाउस है, जो 27 एकड़ में फैला है। शहर की भीड़भाड़ से दूर नाना पाटेकर ने यहीं अपने लिए एक बसेरा बना या है, जिसमें वह रहते हैं। यहीं रहते हुए वह खेती भी करते हैं। इस फार्महाउस में सात कमरे हैं, जिसमें नाना पाटेकर की पसंद का सिंपल वुडन फ्रनीचर और टेराकोटा फ्लोर है। इस फार्महाउस में उन्होंने बड़ी संख्या में गाय-भैंसें भी पाली हैं। नाना के पास मुंबई के अंधेरी में भी एक 1 BHK फ्लैट भी है, जिसे उन्होंने 90 के दशक में खरीदा था।
मराठवाड़ा और लातूर के सूखाग्रस्त किसानों को पहुंचाई मदद
यूं तो ऐसी कई फिल्में बनी हैं, जिनमें देश की समस्याओं को दिखाया जाता है, लेकिन नाना ने असल जिंदगी में इन समस्याओं को समझा है। 2015 में उन्होंने मराठवाड़ा और लातूर के सूखाग्रस्त किसानों की आर्थिक मदद की थी और करीब 100 प्रभावित किसान परिवारों को चेक बांटे थे। यही नहीं, नाना किसानों की मदद के लिए एक एनजीओ भी चलाते हैं।
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