बॉलीवुड और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर को दुनिया ‘नाना’ के नाम से ही जानती है। उनकी दमदार अदाकारी, तीखे संवाद और सादगी भरी जिंदगी ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री का एक अनोखा चेहरा बना दिया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनका असली नाम कुछ और ही था? और ‘नाना’ कहलाने के पीछे एक बेहद भावुक और दिल को छू लेने वाली वजह छिपी है।
नाना पाटेकर का असली नाम
नाना पाटेकर का जन्म 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मुरुड-जंजीरा में हुआ था। उनका असली नाम 'विश्वनाथ गजानन पाटेकर' है। उनके पिता दिनकर पाटेकर और मां निर्मला पाटेकर गृहिणी थीं। परिवार मराठी पृष्ठभूमि से था। नाना ने मुंबई में बांद्रा स्कूल ऑफ आर्ट से पढ़ाई की थी।
विश्वनाथ से 'नाना' कैसे बने?
दुनिया उन्हें नाना पाटेकर के नाम से जानती है, लेकिन यह नाम जन्म से नहीं था। खुद नाना ने एक इंटरव्यू में इस राज का खुलासा किया। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया, “मेरी मां की एक सहेली थी, जो बिल्कुल बहन जैसी थी। बचपन में वो मुझे नाना-नाना कहा करती थी। बस यहीं से मेरा नाम नाना पाटेकर पड़ गया। अच्छा नाम है। पासपोर्ट, आधार कार्ड और हर डॉक्यूमेंट पर यही नाम है।” इस सरल लेकिन भावनात्मक वजह ने उनका पूरा पहचान बदल दी। घर में मां की सहेली उन्हें प्यार से ‘नाना’ बुलाती थीं। धीरे-धीरे परिवार और आसपास के लोग भी उन्हें इसी नाम से पुकारने लगे।
विशू कहने पर ऐसा होता था रिएक्शन
स्कूल में उन्हें विश्वनाथ या 'विशू' कहा जाता था। नाना खुद कहते हैं कि अगर आज कोई उन्हें ‘विशू’ कहकर बुलाए तो उन्हें तुरंत समझ आ जाता है कि वो उनके स्कूल के दिनों का कोई पुराना परिचित है। समय के साथ ‘नाना’ नाम इतना प्रचलित हो गया कि उन्होंने पुराना नाम छोड़कर इसे ही अपना लिया। आज उनके सभी आधिकारिक दस्तावेजों—पासपोर्ट, आधार कार्ड और अन्य पेपर्स—पर नाना ही लिखा है। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें यह नाम बहुत पसंद है।
फैन्स के चहेते 'नाना'
आज जब नाना पाटेकर स्क्रीन पर नजर आते हैं तो दर्शक उन्हें ‘नाना’ कहकर ही संबोधित करते हैं। लेकिन उनके पीछे विश्वनाथ नाम का एक साधारण लड़का छिपा है, जिसे मां की सहेली के प्यार ने ‘नाना’ बना दिया। यह कहानी न सिर्फ उनके फैंस के लिए दिलचस्प है, बल्कि यह याद दिलाती है कि नाम कितना भी बड़ा हो जाए, उसकी जड़ें अक्सर बहुत साधारण और भावुक होती हैं।
75 की उम्र में ली अंतिम सांस
बॉलीवुड और मराठी अभिनेता नाना पाटेकर का आज गोवा में निधन हो गया। वे 75 वर्ष के थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर पर बेहोश पाया गया। मेडिकल टीम पहुंची तो उन्होंने कार्डियक मसाज दी और उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक प्रयास किए, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। उन्हें सुबह करीब 5:20 बजे मृत घोषित कर दिया गया। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक मृत्यु का कारण कार्डियक अरेस्ट (हृदय गति रुकना) बताया जा रहा है।
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