1. Hindi News
  2. मनोरंजन
  3. बॉलीवुड
  4. रामानंद सागर की 'रामायण' Vs रणबीर कपूर की 'रामायण', लागत में आया 571 गुना का अंतर, 36 सालों में बदला बजट का हिसाब-किताब

रामानंद सागर की 'रामायण' Vs रणबीर कपूर की 'रामायण', लागत में आया 571 गुना का अंतर, 36 सालों में बदला बजट का हिसाब-किताब

1987 में रामानंद सागर की 'रामायण' 7 करोड़ में बनी और ऐतिहासिक हिट साबित हुई। अब रणबीर कपूर अभिनीत नितेश तिवारी की भव्य फिल्म 'रामायण' 4,000 करोड़ के बजट के साथ दिवाली 2026 में रिलीज होगी।

ramayana - India TV Hindi
Image Source : WORLD OF RAMAYANA, IMDB रणबीर कपूर और अरुण गोविल।

भारतीय मनोरंजन जगत में महाकाव्य 'रामायण' की कहानी हमेशा से दर्शकों के दिलों के करीब रही है। दशकों पहले जब छोटे पर्दे पर रामानंद सागर की 'रामायण' का प्रसारण शुरू हुआ था, तब उसने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए थे। अब इसी पौराणिक कथा को बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर की आगामी फिल्म 'रामायण' के जरिए बेहद भव्य और आधुनिक पैमाने पर बड़े पर्दे पर उतारने की तैयारी की जा रही है। नितेश तिवारी के निर्देशन और नामित मल्होत्रा के निर्माण में बन रही यह फिल्म अपने 4000 करोड़ रुपये के विशाल बजट को लेकर सुर्खियों में है। लेकिन इस आधुनिक सिनेमाई प्रयास से काफी पहले, 1987 में दूरदर्शन पर प्रसारित हुए पौराणिक धारावाहिक ने भी अपने समय में लागत और कमाई के मामले में ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाए थे।

जब 9 लाख प्रति एपिसोड के बजट ने दूरदर्शन की किस्मत बदल दी

साल 1987 में जब रामानंद सागर का 'रामायण' टीवी धारावाहिक पहली बार ऑन-एयर हुआ, तो इसने भारत के करोड़ों घरों को टीवी स्क्रीन से बांध दिया। धारावाहिक की लोकप्रियता का आलम यह था कि इसमें काम करने वाले अभिनेताओं को दर्शक वास्तविक देवी-देवताओं की तरह पूजने लगे थे। उस दौर में यह भारतीय टेलीविजन इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे महंगा प्रोडक्शन माना जाता था। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस पूरे टीवी शो का कुल निर्माण बजट लगभग 7 करोड़ रुपये था, जिसमें प्रति एपिसोड करीब 9 लाख रुपये का खर्च आता था। हालांकि इसकी कमाई ने निर्माताओं और दूरदर्शन की किस्मत ही बदल दी। इस शो ने प्रति एपिसोड औसतन 40 लाख रुपये का राजस्व उत्पन्न किया, जिससे इसकी कुल कमाई लगभग 31.4 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। बता दें, इस शो में कुल 76 एपिसोड थे। यह उस जमाने में टेलीविजन उद्योग के लिए एक अभूतपूर्व वित्तीय सफलता थी। अगर फिल्म और टीवी शो के बजट की तुलना करें तो नितेश कुमार की रामायण का बजट रामानंद सागर के टीवी शो के बजट से 571 गुना अधिक था।

वैश्विक स्तर पर पहचान और कोविड लॉकडाउन में रिकॉर्ड तोड़ वापसी

रामानंद सागर की 'रामायण' केवल भारत तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि इसे दुनिया भर के 55 से अधिक देशों में प्रसारित किया गया। सरल सेट, सीमित संसाधनों और प्रैक्टिकल इफेक्ट्स के बावजूद इसकी कहानी और किरदारों के जीवंत अभिनय ने दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ा। वर्षों बाद जब 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान देशव्यापी लॉकडाउन लागू हुआ, तब इस धारावाहिक का दूरदर्शन पर दोबारा प्रसारण किया गया। इस दोबारा हुए प्रसारण ने भी व्यूअरशिप के पुराने सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। कुल मिलाकर इस धारावाहिक को लगभग 650 मिलियन (65 करोड़) से अधिक बार देखा गया, जो आज भी भारतीय टेलीविजन इतिहास में सबसे अधिक देखे जाने वाले कार्यक्रमों में से एक है।

1987 की 'रामायण' से 2026 की 'रामायणम' की तुलना

जहां एक तरफ रामानंद सागर की 'रामायण' सादगी, भावुकता और सीमित तकनीक पर आधारित थी, वहीं नितेश तिवारी की आधुनिक फिल्म 'रामायण' को अत्याधुनिक विजुअल इफेक्ट्स और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सिनेमैटोग्राफी के साथ तैयार किया जा रहा है। रणबीर कपूर और साई पल्लवी की मुख्य भूमिकाओं से सजी यह फिल्म दो भागों में बनाई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों भागों का संयुक्त बजट लगभग 4000 करोड़ रुपये है, जो इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक बनाता है। हाल ही में फिल्म का पहला टीजर/ट्रेलर भी सामने आया है, जिस पर दर्शकों की मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। वैश्विक स्तर पर भारतीय पौराणिक कथाओं को पेश करने के उद्देश्य से बनाई जा रही इस फिल्म का पहला भाग दिवाली 2026 के अवसर पर दुनिया भर के सिनेमाघरों में दस्तक देगा।

ये भी पढ़ें: क्या प्रीति जिंटा के प्यार में डूबे थे ब्रेट ली? 16 साल बाद क्रिकेटर ने तोड़ी चुप्पी

Latest Bollywood News