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अंग्रेजों के टॉयलेट करने के तरीके से क्यों है कैलाश खेर को दिक्कत? आप की अदालत में हुआ खुलासा

आपकी अदालत में जब कैलाश खेर से सवाल किया गया कि उन्हें अंग्रेजों से क्या समस्या है और वो भी उनके टॉयलेट करने के तरीके तो उन्होंने झट से इसका जवाब दिया। जानें सिंगर ने क्या कहा।

Kailash Kher - India TV Hindi
Image Source : INSTAGRAM कैलाश खेर।

देश के लोकप्रिय टीवी शो 'आप की अदालत' में इस बार खास मेहमान बनकर पहुंचे मशहूर गायक और संगीतकार कैलाश खेर। शो के होस्ट रजत शर्मा के तीखे सवालों का उन्होंने बेहद सधा हुआ और बेबाकी से जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने अपने संघर्षों से भरी जिंदगी और करियर के कई बीच कई विवादों पर चुप्पी तोड़ी और उनके बयानों की असल वजह बताई। कैलाश खेर ने बताया कि बॉलीवुड में अपने पैर जमाने से पहले उन्होंने कितने पापड़ बेले। इसके साथ ही उन्होंने इस बात का भी जवाब दिया कि वो अंग्रेजों और उनकी सभ्यता के खिलाफ क्यों है। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी स्वीकार किया उन्हें अंग्रेजों के टॉयलेट करने के तरीके से भी दिक्कत है। सिंगर इसे लेकर क्या-क्या बोले, जानें।

क्यों ऐसा बोले कैलाश खेर

रजत शर्मा ने सवाल किया, 'अंग्रेजों का गोरों का इतना मजाक उड़ाते हैं आप। मज़ाक नहीं उड़ाते। उनको आपको उनके टॉयलेट करने के तरीके से भी प्रॉब्लम है।' इसके जवाब में कैलाश खेर ने कहा, 'हां तो वो तरीका उनका है ही नहीं। वो प्रॉब्लम हमको नहीं है। हम यूके काफी जाते रहते हैं तो हम बड़े हैरान हुए कि यार ये करके धोते भी नहीं और उन्होंने हम पर राज किया तो यह यह मेरे मन में बात आई कि जिस सभ्यता में 2000 साल पुरानी सभ्यता है करके धोते नहीं। हमारे यहां उसे घिसने का। 

कैलाश खेर ने दी सफाई

इस पर रजत शर्मा ने काउंटर सवाल किया, 'कुछ भी करें, अपने टॉयलेट में आपकी क्या प्रॉब्लम है इसमें?' कैलाश खेर ने कहा, 'हमारे यहां इसे घिसनी कहते हैं... हम बोल रहे हैं यार ये अभी तक घिसनी करता है और उसके बाद भी यह लोगों ने हम पर राज कर लिया। यह ऐसी सभ्यता पर जहां वेद, पुराण और संत मनीषी विद्वान ऐसे जन्मे हैं जिन्होंने पूरे विश्व को कितनी बार दिशा दी है जीने की।'

क्यों करते हैं अंग्रेजों का विरोध

उन्होंने आखिर में कहा कि भाषा अपना लीजिए, लेकिन सभ्यता अपनी रखिए। उनकी भाषा में आकर्षण है, लेकिन सभ्यता अपनी ही ठीक है। अंग्रेजी के आलोचक रहे कैलाश खेर ने कहा कि सॉरी और थैक्यू हमारी सभ्यता नहीं है तो ऐसे में अपने फोक गानों को बढ़ावा देना चाहिए और 30000 की टिकट लेकर किसी अंग्रेजी सिंगर को सुनने नहीं जाना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि वो विदेश में जाते हैं, जहां उन्हें सुनने के लिए विदेशी लोग आते हैं लेकिन वो वहां भी हिंदी में 'बम लेहरी' गाते हैं। इसके बाद उन्होंने नाचते हुए ये गाना गाकर भी सुनाया।

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