एबोट के अनुसार जब वह एम्बलम (संलेपन) कमरे में पहुंचे और शव से चादर हटाई तो बुरी तरह चौंक गए। एबोट ने बताया कि मॉनरो बुढ़ापे की तरफ बढ़ रही एक बेहद मामूली महिला लग रहीं थीं। उनके शव को देखकर लगा मानों वह अपने शरीर को लेकर बहुत लापरवाह थीं। उनकी हालत इतनी ख़राब थी कि उन्हें पहचानना ही मुश्किल था।