लॉस एंजेलिस: 59वें ग्रैमी अवार्ड्स हाल ही में आयोजित किए गए हैं। इसमें यो यो मा के साथ संदीप दास की जुगलबंदी को ग्रैमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। दास सर्वश्रेष्ठ विश्व संगीत श्रेणी में ग्रैमी पुरस्कार जीतने वाले यो यो मा के सिल्क रोड एनसेम्बल के एलबम ‘सिंग मी होम’ का हिस्सा थे। इस श्रेणी में भारतीय सितारवादक अनुष्का शंकर का एल्बम लैंड ऑफ गोल्ड भी नामित था लेकिन वह पुरस्कार से चूक गईं।
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अनुष्का शंकर छठी बार अपने विश्व संगीत नामांकन को ग्रैमी पुरस्कार में तब्दील करने में नाकामयाब रहीं। बीते वर्षों में कई नामांकनों के बावजूद उनकी झोली में ग्रैमी नहीं आया। यो यो मा के ‘सिंग मी होम’ की धुनें विश्वभर के विभिन्न कलाकारों ने तैयार की हैं। यह एलबम मा के ‘दी म्युजिक ऑफ स्ट्रेंजर्स: यो यो मा ऐंड दी सिल्क रोड एनसेंबल’ नाम के प्रोजेक्ट पर बनी डॉक्युमेंटरी का हिस्सा है।
मा और दास के अलावा इस एलबम में शामिल अन्य संगीतकार हैं न्यूयॉर्क के रहने वाले सीरियाई शहनाई वादक किनान अजमेह। अजमेह अमेरिकी राष्ट्रपति के यात्रा प्रतिबंध के आदेश के बाद विदेश में ही रहने को मजबूर थे। जब एक अदालत ने इस आदेश पर रोक लगाई तब जाकर अजमेह देश लौट सके।
लाल कुर्ता पहने दास ने कहा कि एनसेंबल ने एकता और एक-दूसरे की संस्कृतियों के सम्मान का प्रभावशाली संदेश दिया है। पुरस्कार लेने के बाद दास ने संवाददाताओं से कहा, “जब ऐसी चीजें होती हैं तो हम पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है क्योंकि हमने विभिन्न देशों का बहुत कुछ अपनाया है। वर्तमान में, मुझे लगता है कि हम और संगीत बनाते रहेंगे और प्रेम फैलाते रहेंगे।“
अनुष्का को उनकी एलबम ‘लैंड ऑफ गोल्ड’ के लिए नामित किया गया था जो वैश्विक शरणार्थी संकट पर आधारति है। संगीत समारोह में वह अपने पति एवं ब्रिटिश निर्देशक जो राइट के साथ पहुंची थीं।
अनुष्का मशहूर सितार वादक पंडित रवि शंकर की बेटी हैं। 20 साल की उम्र में उन्हें पहली बार ग्रैमी पुरस्कार के लिए नामित किया गया था। बहरहाल उनके दिवंगत पिता के नाम दो व्यक्तिगत और दो शेयर ग्रैमी पुरस्कार हैं।