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'बंदर' से पहले देखें अक्षय खन्ना की सस्पेंस से लोडेड 'आर्टिकल 375', 8.1 IMDb रेटिंग, भूचाल की तरह आता है क्लाइमैक्स

साल 2019 में एक ऐसी फिल्म आई थी, जिसकी मुद्दा काफी हद तक बॉबी देओल की 'बंदर' से मेल खाता है। फिल्म का नाम है 'आर्टिकल 375', जिसे IMDb पर 8.1 रेटिंग मिली है। फिल्म का क्लाइमैक्स जोरदार है। अक्षय खन्ना और ऋचा चड्ढा लीड रोल में हैं।

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Image Source : IMDB अक्षय खन्ना।

'मर्जी या जबरदस्ती' टैगलाइन के साछ साल 2019 में फिल्म 'आर्टिकल 375'रिलीज हुई। इस फिल्म में अक्षय खन्ना लीडिंग एक्टर थे और सालों बाद पर्दे पर वकील के रोल में वापसी किए थे। फिल्म बालात्कार के झूठे आरोप के इर्द गिर्द बुनी गई थी। इसी से मेल खाते थीम पर अब अनुराग कश्यप के निर्देशन में बनी 'बंदर' रिलीज हुई है, जिसमें बॉबी देओल लीड रोल में हैं। फिल्म की रिलीज के साथ ही इसकी चर्चाएं शुरू हो गई हैं, लेकिन इस फिल्म से पहले आपको ओटीटी पर अक्षय खन्ना स्टारर फिल्म देखनी चाहिए, जिसकी कहानी में गहराई के साथ जोरदार सस्पेंस है। कहानी कई ट्विस्ट के बाद ऐसा शॉक देती है, जो आपके नजरिए को ही बदल देगा। 

फिल्म की कहानी

फिल्म 'आर्टिकल 375' एक दमदार कोर्टरूम ड्रामा है, ये फिल्म भारतीय कानून में बलात्कार से जुड़ी धारा 375 पर आधारित है। कहानी एक मशहूर फिल्म डायरेक्टर रोहन खुराना (राहुल भट्ट) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिस पर उसकी जूनियर कॉस्ट्यूम डिजाइनर अंजलि डामले (मीरा चोपड़ा) जबरन शारीरिक संबंध बनाने और उसका उत्पीड़न करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अक्षय खन्ना हाई-प्रोफाइल वकील राजवीर आनंद के रूप में डायरेक्टर का केस लड़ रहा है। वहीं पीड़िता की अगुवा वकील के रोल में ऋचा चड्ढा हैं। कोर्टरूम में दोनों की तीखी बहस देखने को मिलेगी। फिल्म के आखिर में पता चलेगा केस कौन जीता और इसके साथ ही इसका भी खुलासा होगा कि असल पीड़ित कौन है।

ओटीटी पर कहां देखें और IMDb रेटिंग

'आर्टिकल 375' साल 2019 में रिलीज हुई थी। फिल्म की कहानी ने रिलीज के बाद ही लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा था। ये फिल्म अब ओटीटी पर मौजूद है, 2 घंटे 4 मिनट की ये फिल्म आपको अंत तक बांधे रखेगी। एक मिनट के लिए भी आपका ध्यान इधर से उधर नहीं होगा। ये फिल्म इतनी ग्रिपिंग है कि आप कुर्सी से उठना भी नहीं चाहेंगे। फिल्म को आप प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं। फिल्म को क्रिटिक्स ने खूब पसंद किया था और इसे IMDb पर 8.1 रेटिंग मिली है, जो साबित करती है कि ये फिल्म कितनी शानदार है। 

फिल्म का क्लाइमैक्स

इस फिल्म का क्लाइमैक्स इसकी जान है। पूरी फिल्म में सस्पेंस बरकरार रहता है और जब असल में असली मुजरिम का चेहरा सामने आाता है तो सिर्फ-सिर्फ झटका लगता है। फिल्म ये सोचने पर मजबूर कर देती है कि किस तरह से लोग कानून को गुमराह करते हैं और झूठ बोलकर बच के निकल जाते हैं और मासूम शख्स मुजरिम के रूप में सालों तक सजा काटता है। ये फिल्म भी 'बंदर' की तरह ही मी टू का मुद्दा उठाती है और दिखाती है कि किस तरह कई बार कानून और समाज एक जेंडर के प्रति बायस्ड होता है।

फिल्म की कास्ट

क्राइम, थ्रिलर, मिस्ट्री और सस्पेंस से भरी ये लीग ड्रामा फिल्म अपनी कहानी के साथ ही शानदार अभिनय करने वाले कलाकारों के लिए भी जानी जाती है। फिल्म में अक्षय खन्ना और ऋचा चड्ढा लीड रोल में हैं। राहुल भट्ट और मीरा चोपड़ा ने भी अहम रोल निभाए हैं। फिल्म में कृतिका देसाई, शिल्पा सालुजा, किशोर कदम और विभावारी देशपांडे जैसे शानदार एक्टर्स शामिल हैं। फिल्म का निर्देश अजय बेहल ने किया है। इन्होंने प्रीति सिंह और मनीष गुप्ता के साथ मिलकर इस कहानी को लिखा है। 

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