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9.3 रेटिंग वाला शो, पॉपुलेरिटी में छोड़ा 'रामायण' को पीछे, TRP के तोड़े रिकॉर्ड, 820 एपिसोड करके बदली हीरो की तकदीर

साल 2011 में एक ऐसा पौराणिक शो शुरू हुआ, जिसने 'रामायण' और 'महाभारत' की पॉपुलेरिटी को भी पीछे छोड़ दिया। इस शो को IMDb पर 9.3 की रेटिंग मिली है और उस दौर में ये टीआरपी में नंबर 1 था। आज इस शो की स्टारकास्ट अपने करियर में काफी सफल है।

devon ke dev mahadev- India TV Hindi
Image Source : JIO HOTSTAR देवों के देव महादेव से एक झलक।

भारतीय टेलीविजन पर समय-समय पर ऐसी कहानियों प्रसारित हुईं, जिन्होंने न केवल मनोरंजन किया बल्कि दर्शकों की आस्था और संस्कृति से भी गहरा जुड़ाव बनाया। मनोरंजन के इस बदलते दौर में जहां अब दर्शकों की पसंद महज साधारण कहानियों तक सीमित नहीं रही, वे अब ऐसे कंटेंट की तलाश में रहते हैं जिसमें ऐतिहासिक गहराई और भव्यता का मेल हो। आज के दर्शक पौराणिक गाथाओं को एक नए और आधुनिक नजरिए से देखना पसंद करते हैं, ताकि वे उन प्राचीन चीजों के दर्शन पहली बार जैसी ताजगी के साथ कर सकें। इसी नजरिए के साथ साल 2011 में एक ऐसा शो शुरू हुआ, जिसने सफलता के मायने ही बदल दिए। ये शो इस कदर लोकप्रिय हुआ कि ये टीआरपी की रेस में नंबर बना और IMDb पर भी 'रामायण' और 'महाभारत' को पीछे छोड़ दिया।

क्या है शो का नाम?

सालों पहले टेलीविजन के इतिहास में एक ऐसा ही अध्याय शुरू हुआ, जिसने सफलता के मामले में 'रामायण' और 'महाभारत' जैसे दिग्गज शोज की बराबरी ही नहीं की, बल्कि इन्हें पीछे भी छोड़ दिया। साल 2011 में लाइफ ओके चैनल पर शुरू हुआ यह शो था 'देवों के देव... महादेव'। ट्रायंगल फिल्म कंपनी के बैनर तले निखिल सिन्हा द्वारा निर्देशित इस धारावाहिक ने साल 2014 तक दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। लगभग 820 एपिसोड वाले इस शो को उस दौर में इसके भव्य बजट और बेहतरीन प्रेजेंटेशन के लिए जाना गया, जिसने पौराणिक विषयों को पेश करने का तरीका ही बदल दिया।

सजीव अभिनय और अविस्मरणीय पात्र

इस शो की अपार सफलता के पीछे कलाकारों का शानदार अभिनय एक मुख्य स्तंभ रहा। अभिनेता मोहित रैना ने भगवान शिव के चरित्र को जिस शांत और शक्तिशाली ढंग से निभाया, वह आज भी दर्शकों के जेहन में ताजा है। उनकी स्क्रीन उपस्थिति ने महादेव की छवि को घर-घर में जीवंत कर दिया। लोगों का आज भी यही कहना है कि उनसे बेहतर शिव की कल्पना भी नहीं हो सकती। टीवी की स्क्रीन पर उन्हें देख ऐसा लगता था, मानों भगवान शिव सामने ही खड़े हों। वहीं मौनी रॉय ने देवी सती के रूप में एक भावुक और प्रभावशाली छाप छोड़ी। बाद में माता पार्वती के पात्र में सोनारिका भदोरिया, पूजा बोस और सुहासी धामी ने अपनी विशेष कलाकारी से कहानी की निरंतरता को बनाए रखा। साथ ही सौरभ राज जैन (भगवान विष्णु) और राधा कृष्ण दत्ता (ब्रह्मा) जैसे कलाकारों ने भी अपने किरदारों को इतनी स्वाभाविकता के साथ पेश किया कि दर्शक उनसे भावनात्मक रूप से जुड़ गए।

शिव पुराण पर आधारित था शो

यह धारावाहिक पवित्र ग्रंथों और शिव पुराण की कथाओं से प्रेरित था, जिसे बहुत ही सरल और प्रभावी ढंग से पर्दे पर उतारा गया। भगवान शिव के वैरागी जीवन से लेकर माता सती के साथ विवाह, फिर सती का आत्मदाह और पार्वती के रूप में उनका पुनर्मिलन, इन सभी प्रसंगों को बेहद मार्मिक तरीके से दिखाया गया। शिव के भोले रूप से लेकर उनके रौद्र अवतार तक हर पहलू को विस्तार से समझाया गया। असुरों के साथ होने वाले युद्ध और विभिन्न धार्मिक रहस्यों ने कहानी में रोमांच का पुट बनाए रखा।

टीआरपी के रिकॉर्ड और डिजिटल लोकप्रियता

'देवों के देव... महादेव' ने उस समय टीआरपी के तमाम पुराने कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए थे। आज भी इसे IMDb पर 9.3 की असाधारण रेटिंग प्राप्त है, जो इसकी गुणवत्ता का प्रमाण है। वर्तमान समय में भी यह शो जियो हॉटस्टार, एयरटेल एक्सस्ट्रीम और टाटा प्ले बिंज जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर नई पीढ़ी के बीच उतना ही लोकप्रिय है। अपनी विशेष शैली और बेहतरीन कहानी के कारण यह शो आज भी चर्चाओं में बना रहता है और इसे बार-बार देखा जाने वाला एक क्लासिक धारावाहिक माना जाता है। 

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