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Explainer: ईरान से पहले भी US Army ने अपने पायलट को बचाने के लिए लॉन्च किया था ऑपरेशन, जानिए क्या था पूरा मिशन

अमेरिका ने ईरान में फंसे अपने पायलट को सुरक्षित वहां से निकाल लिया है। अमेरिकी सेना इससे पहले भी इस तरह के मिशन को अंजाम दे चुकी है। चलिए एक ऐसे ही आपरेशन के बारे में जानते हैं।

US Marines- India TV Hindi
Image Source : AP US Marines

US Military Pilot Rescue Operation: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग में एक F-15E लड़ाकू विमान दक्षिण-पश्चिमी ईरान के ऊपर ईरानी बलों द्वारा मार गिराया गया। विमान में 2 क्रू सदस्य थे, पायलट और हथियार सिस्टम अधिकारी। दोनों ने विमान से इजेक्ट कर लिया लेकिन अलग-अलग जगहों पर गिरने के कारण वो एक-दूसरे से दूर हो गए। पायलट को कुछ घंटों के अंदर ही अमेरिकी बलों ने बचा लिया लेकिन हथियार सिस्टम अधिकारी (WSO) दुश्मन क्षेत्र में फंस गए।

अमेरिका सेना ने पूरा किया मिशन

हथियार सिस्टम अधिकारी को बचाने के लिए अमेरिकी सेना ने दुश्मन देश के अंदर बेहद जोखिम भरा सैन्य ऑपरेशन शुरू किया। इस ऑपरेशन को सफलता के साथ पूरा किया गया और अधिकारी को बचा लिया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य अमेरिकी अधिकारियों ने इस पूरे मिशन को फिल्मी कहानी जैसा बताया है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि अमेरिकी सेना पहले भी ऐसे खतरनाक मिशनों को अंजाम दे चुकी है। चलिए आपको एक ऐसे ही ऑपरेशन के बारे में बताते हैं। 

दुश्मन देश में गिरा विमान

ईरान में हुआ ऑपरेशन 1995 के बोस्नियाई युद्ध की यादों को ताजा कर देता है। अमेरिकी एयर फोर्स के कैप्टन स्कॉट ओ'ग्रेडी का F-16 विमान बोस्निया में मार गिराया गया था। हिट होने के बाद ओ'ग्रेडी विमान से इजेक्ट हो गए और दुश्मन क्षेत्र के जंगलों में छिप गए। उन्होंने लगभग 6 दिन भूखे-प्यासे, ठंडे और सर्ब सैनिकों से बचते हुए गुजारे। कैप्टन स्कॉट ने अपनी सर्वाइवल ट्रेनिंग पर भरोसा किया और अमेरिकी मरीन द्वारा बचाए जाने से पहले खुद को जिंदा रखा।

Image Source : apUS Marines

सावधानी से आगे बढ़ते रहे स्कॉट

अमेरिकी पायलट स्कॉट ओ'ग्रेडी बेहद सावधानी से आगे बढ़ते रहे और इस दौरान उन्होंने खुद को दुश्मन सैनिकों से बचाया जो उन्हें कोज रही थीं। स्कॉट सिर्फ रात में ही आगे बढ़ते ताकि कोई उन्हें देख ना सके। दिन के समय स्कॉट एक ही जगह पर रुके रहते थे। CNN की रिपोर्ट के अनुसार एक बार तो दुश्मन हेलीकॉप्टर उसके इतना करीब आ गया था कि वह उसके अंदर बैठे पायलटों के चेहरे भी देख सकते था। 

पायलट स्कॉट ने नहीं मानी हार

दुश्मन सैनिक अमेरिकी पायलट को खोज रहे थे और हर उस चीज पर गोलियां चला रहे थे जो हिल-डुल रही थी। एक तरफ दुश्मन दूसरी ओर जिंदा रहने की जद्दोजहद। स्कॉट ने हार नहीं मानी और मुश्किल वक्त में चींटियां और पौधे खाए, अपने इमरजेंसी पैक से पानी पिया जब तक कि चौथे दिन पानी खत्म नहीं हो गया। इसके बाद स्कॉट ने पेड़ की पत्तियों पर जमा बारिश का पानी पीकर खुद को जिंदा रखा।

स्कॉट ने धैर्य के साथ किया काम

अमेरिकी पायलट स्कॉट ओ'ग्रेडी के पास एक सर्वाइवल रेडियो था लेकिन उसे गलत समय पर इस्तेमाल करने से उसकी लोकेशन को दुश्मन ट्रेस कर सकते थे। लिहाजा, स्कॉट ने ऐसे वक्त में भी धैर्य रखा और रेडियो का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया। स्कॉट ने दुश्मन के इलाके में छठे दिन अपना रेडियो चालू किया और एक सिग्नल भेजा। इस सिग्नल को उसके ऊपर से गुजर रहे NATO के विमानों ने पकड़ लिया।

Image Source : apUS Marines

अमेरिकी सेना ने शुरू किया ऑपरेशन

सिग्नल मिलने के बाद अमेरिकी सेना की एक बचाव टीम को तुरंत तैयार किया गया। ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए अमेरिकी नौसेना के जहाज USS Kearsarge को भी तैनात किया गया। योजना यह थी कि दुश्मन के इलाके में हेलीकॉप्टर भेजे जाएं और लड़ाकू विमान समेत हमलावर हेलीकॉप्टर ऊपर से उनकी सुरक्षा करें। 8 जून को, हेलीकॉप्टर रडार की पकड़ में आने से बचने के लिए बहुत कम ऊंचाई पर उड़े। 

सफल रहा मिशन

अमेरिकी सेना ने मिशन को अंजाम देते हुए पायलट स्कॉट ओ'ग्रेडी को एक पहाड़ की चोटी से बचा लिया। मिशन के दौरान हेलीकॉप्टर पर जोरदार गोलीबारी होने लगी। एक समय तो ऐसा भी आया जब स्कॉट से महज कुछ ही फीट की दूरी पर गोलियां चल रही थीं। इसके बावजूद उन्हें सुरक्षित बचा लिया गया और घर वापस लाया गया। अमेरिका में स्कॉट ओ'ग्रेडी स्वागत हुआ और उन्होंने व्हाइट हाउस का भी दौरा किया। तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने स्कॉट को अमेरिकी हीरो कहा था।

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