कभी आपने इंटरनेट पर कुछ ब्राउज करते समय ये सोचा है कि आप जो भी साइट ओपन करते हैं या फिर ई-मेल ओपन करते हैं तो आपकी रिक्वेस्ट पहले अमेरिका में स्थित रूट सर्वर पर जाती है और फिर सर्वर अड्रेस को ढूंढ़कर वापस आपकी स्क्रीन पर दिखाई देती है? जी हां, भारत में ओपन किए जाने वाली हर वेबसाइट, ई-मेल और इंटरनेट की हर चीज पहले अमेरिका के रूट सर्वस होते हुए ही भारत पहुंचती है। भारत में कोई अपना रूट सर्वर नहीं है, जिसकी वजह हमें अमेरिका या विदेशों में स्थित सर्वर पर निर्भर रहना पड़ता है।
भारत की क्या है तैयारी?
हालांकि, अब मौजूदा मोदी सरकार ने भारत में रूट सर्वर स्थापित करने की दिशा में बड़ी पहल की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत को जल्द ही सभी 13 मुख्य रूट सर्वर को मिरर करने वाला कलस्टर मिल सकता है। इसके लिए सरकार ने वैश्विक इंटरनेट संस्था ICANN से रूट सर्वर स्थापित करने की मांग की है। भारत में रूट सर्वर स्थापित होने के बाद डिजिटल संप्रभुता और इंटरनेट सिक्योरिटी को बेहतर किया जा सकता है।
Image Source : unsplashइंटरनेट सर्वर
MeitY के सचिव एस कृष्णन का कहना है कि इतनी बड़ी आबादी और इंटरनेट यूजर्स की सुरक्षा करने के लिए भारत के पास अपना रूट सर्वर होना चाहिए। यह अब डिजिटल इंडिया की जरूरत बन गया है। यह भारत की डिजिटल संप्रभुता और इंटरनेट सिक्योरिटी को बेहतर बना सकता है।
क्या है रूट सर्वर?
इसे आप इंटरनेट के गेटवे या केंद्र कह सकते हैं, जो यूजर्स को वेबसाइट्स के साथ जोड़ते हैं। इन रूट सर्वर के जरिए ही आप किसी वेबसाइट तक पहुंच सकते हैं। ICANN के पास सिंगापुर, यूरोप, अमेरिका, मिस्त्र और केन्या में ये सर्वर मौजूद हैं। भारत सरकार फिलहाल ICANN के साथ बात कर रही है, जिसमें सभी 13 मुख्य रूट सर्वर को मिरर करने वाले 18 सर्वर का कलस्टर मिल सकता है।
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क्यों अमेरिका पर है निर्भरता?
इंटरनेट पर कुछ भी चेक करने के लिए रूट सर्वर की जरूरत होती है। इसे एक गेटवे के तौर पर देखा जाना चाहिए। इस इंटरनेट की दुनिया को कंट्रोल करने के लिए कुल 13 रूट सर्वर हैं, जो A से लेकर M अल्फाबेट से जाना जाता है। इनमें से ज्यादातर रूट सर्वर अमेरिकी में लोकेटेड हैं। केवल एक-दो सर्वर ही नीदरलैंड्स, स्वीडन और जापान में हैं। यही कारण है कि भारत में इंटरनेट पर कुछ भी सर्च करने और कोई भी वेबसाइट ओपन करने के लिए अमेरिका पर निर्भर रहना पड़ता है।
क्यों है जरूरी?
भारत में इंटरनेट यूजर्स की संख्यां तेजी से बढ़ रही है। देश में करोड़ों इंटरनेट यूजर्स हैं, जो मोबाइल या ब्रॉडबैंड के जरिए इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में इंटरनेट संप्रभुता हर भारतीयके लिए बेहद जरूरी है। यही नहीं, बढ़ रहे साइबर क्राइम के मामले को देखते हुए भी ये बेहद जरूरी है। अगर, देश में कोई बड़ा साइबर अटैक होता है तो इसके लिए अमेरिका के रूट सर्वर पर निर्भर नहीं रहना होगा। भारत में रूट सर्वर मौजूद होने पर इन अटैक को कंट्रोल करने में मदद मिलेगी और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स के गेटवे पर ही इन अटैक्स को रोका जा सकेगा।
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