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सरकार की नई चेतावनी, 'Boss Scam' के चक्कर में कहीं हो न जाए अकाउंट खाली

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : Jun 23, 2026 02:45 pm IST,  Updated : Jun 23, 2026 02:45 pm IST

सरकार ने नए साइबर क्राइम को लेकर चेतावनी जारी की है। गृह मंत्रालय की साइबर सिक्योरिटी विंग I4C ने 'Boss Scam' को लेकर यह चेतावनी जारी की है, जिसमें बड़ी कंपनियों के CEO और अधिकारियों को क्रिमिनल्स टारगेट कर रहे हैं।

Boss Scam- India TV Hindi
सरकार की नई चेतावनी Image Source : UNSPLASH

सरकार ने लोगों को नए तरीके के साइबर फ्रॉड को लेकर चेतावनी जारी की है। गृह मंत्रालय ने साइबर क्रिमिनल्स के नए हथियार को लेकर चेताया है। साइबर क्रिमिनल्स इन दिनों सरकारी विभागों में बैठे हुए बड़े अधिकारियों को टारगेट कर रह हैं और उनके साथ फ्रॉड कर रहे हैं। लोगों को वॉट्सऐप मैसेज या फिर SMS के जरिए फर्जी लिंक भेजकर फ्रॉड किया जा रहा है।

गृह मंत्रालय की साइबर सिक्योरिटी विंग I4C ने इसे 'Boss Scam' का नाम दिया है। I4C ने अपनी एडवाइजरी में लोगों को आगाह करते हुए कहा है कि फर्जी ई-मेल, वॉट्सऐप मैसेज आदि से बचकर रहें। साइबर अपराधी RBI के अधिकारी और कंपनियों के CEO को ई-मेल और मैसेज भेजकर फ्रॉड कर रहे हैं।

Boss Scam को लेकर चेतावनी

नेशनल साइबरक्राइम थ्रेट एनलाइटिक्स यूनिट (NCTAU) और इंडियन साइबर क्राइम को-ओर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने इस नए तरीके के 'Boss Scam' का पता लगाया है, जिसमें साइबर क्रिमिनल्स हाई रैंक ऑफिसर और एग्जीक्यूटिव्स को टारगेट कर रहे हैं। उन्हें ई-मेल और WhatsApp मैसेज आदि के जरिए मालवेयर वाले फ्रॉड लिंक भेज रहे हैं यह काफी चिंताजनक है।

हाई रैंक अधिकारियों और CEO का अगर कोई डेटा लीक हो जाता है तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है। I4C ने इसकी वजह से चिंता जताया है। एजेंसी ने कहा कि मालवेयर के जरिए एग्जीक्यूटिव्स के विंडोज डिवाइस और एक्टिव वॉट्सप वेब सेशन का इस्तेमाल करके क्रिमिनल्स बड़े फाइनेंशियल ट्रांसफर कर सकते हैं।

क्या है MODUS OPERANDI?

सबसे पहले क्रिमिनल्स CEO या हाई रैंक अधिकारियों के साथ ई-मेल या WhatsApp के जरिए संपर्क करते हैं। उन्हें RBI या अन्य रेगुलेटर के नाम पर ई-मेल किया जाता है। जैसे ही कनम्युनिकेशन स्थापित होता है वो एग्जीक्यूटिव्स के ई-मेल या वॉट्सऐप मैसेज पर .zip, .exe या .dll एक्सटेंश वाले फाइल्स भेजते हैं। ये फाइल्स मालवेयर से भरे हो सकते हैं, जो यूजर के डिवाइस में सेंध लगा सकते हैं।

जैसे ही साइबर क्रिमिनल्स आपके डिवाइस में मालवेयर एंटर कर देते हैं उनके पास डिवाइस का एक्सेस मिल जाता है। एग्जीक्यूटिव्स द्वारा फाइल एक्सट्रेक्ट करते ही Trojan इनिशिएट हो जाता है। I4C ने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी तरह के अर्जेंट फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन को री-वेरिफाई करें। इसके लिए डायरेक्ट कॉल या इन-पर्सन कंफर्मेशन के जरिए ही ट्रांजैक्शन को प्रोसेस करें। अटैकर्स के पास CEO के वॉट्सऐप समेत बैंक अकाउंट का भी एक्सेस मिल जाता है, जिसकी वजह से बड़े फाइनेंशियल फ्रॉड को अंजाम दिया जा सकता है।

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