सरकार ने साइबर क्राइम के इकोसिस्टम को ध्वस्त करने की पूरी तैयारी कर ली है। विदेशों से होने वाले फ्रॉड को रोकने के लिए इंटरनेशनल रोमिंग पर पासपोर्ट अनिवार्य करने पर विचार किया है। साथ ही, KYC के लिए बायोमैट्रिक अनिवार्य करने की बात कही है।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने सयबर फ्रॉड करने वाले आरोपियों को धर-दबोचा है। हैरानी की बात ये है कि आरोपी सिर्फ 5वीं पास हैं लेकिन उन्होंने लोगों से करोड़ों रुपये का फ्रॉड किया है।
सरकार ने साइबर फ्रॉड के इकोसिस्टम को ध्वस्त करने के लिए बड़ी तैयारी कर ली है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने म्यूलहंटर (MuleHunter) टूल को अडॉप्ट करने की बात कही है।
इन दिनों साइबर अपराधी नए तरीकों से लोगों के साथ फ्रॉड कर रहे हैं। हाल में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें फोन का नेटवर्क गायब होते ही महिला के साथ 11 लाख रुपये का फ्रॉड हो गया।
सरकार ने बढ़ रहे साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए बड़ी तैयारी की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी विभागों को इससे लड़ने के लिए साथ आने के लिए कहा है। साइबर अपराध हेल्पलाइन सर्विस को सशक्त करने से लेकर कार्रवाई में तेजी का निर्देश दिया है।
सरकार ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए नई वॉर्निंग जारी की है। फेक आइडेंटिटी बनाकर हैकर्स कॉन्टैक्ट कर रहे हैं और फिर बच्चों को अपनी जाल में फंसा रहे हैं।
सरकार ने Wingo ऐप के नेटवर्क को बैन कर दिया है। इस ऐप के जरिए यूजर्स के अकाउंट का इस्तेमाल करके बिना उनकी जानकारी के सिस्टमैटिक फ्रॉड किया जा रहा था। ऐप के साथ-साथ इसके सोशल मीडिया चैनल्स और प्रमोट करने वाले यूट्यूब वीडियो भी ब्लॉक किए गए।
दक्षिण-पश्चिम जिला साइबर थाना पुलिस ने निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक संगठित अंतरराज्यीय साइबर अपराध गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 8 कुख्यात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
राजधानी दिल्ली में साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग दंपति को दो सप्ताह से अधिक समय तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा। इस दौरान उन्होंने 14 करोड़ 85 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए।
नवादा पुलिस ने 'प्रेग्नेंट जॉब सर्विस' का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को झांसा देकर लाखों रुपये ठग लेते थे।
सरकार ने लोगों को ट्रैफिक चालान के नाम से होने वाले फ्रॉड को लेकर सतर्क किया है। अगर, आपके पास भी ई-चालान भरने वाला ऐसा कोई मैसेज आया है, तो आपको इससे बचकर रहना होगा, नहीं तो आपके साथ बड़ा फ्रॉड हो सकता है।
साइबर अपराधी आपकी पहचान चुरा कर क्राइम को अंजाम दे सकते हैं, जिसकी वजह से आपको जेल भी जाना पड़ सकता है। डिजिटल वर्ल्ड में आपकी पहचान ही सबकुछ है। भले ही आपके पास ज्यादा पैसा न हो, लेकिन अगर आपकी पहचान चोरी हो गई तो आप बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं।
ऑनलाइन फ्रॉड करने के लिए साइबर क्रिमिनल्स आम तौर पर 5 कॉमन तरीके का इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर, आप भी इन तरीकों के बारे में जागरूक रहेंगे तो भविष्य में फ्रॉड से बचे रह सकते हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साइबर क्राइम को लेकर प्रदेश की जनता के नाम बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि देश के किसी भी कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई व्यवस्था नहीं।
सरकार की साइबर सिक्योरिटी एजेंसी I4C ने नए तरीके के स्कैम की जानकारी दी है। साथ ही लोगों को कुछ नंबरों को डायल करने से मना किया है। ये नंबर हैकर्स को आपके बैंक अकाउंट का एक्सेस दे सकते हैं।
अगर आप 2026 में ऑनलाइन ठगी का शिकार नहीं होना चाहते हैं तो अपने स्मार्टफोन में ये दो सेटिंग्स जरूर ऑन कर लें। ये सेटिंग्स आपके फोन को हैकर्स के कंट्रोल से बचाता है और ऑनलाइन फ्रॉड को रोकता है।
क्या आप 1930 नंबर के बारे में जानते हैं जो आपके मोबाइल नंबर में सेव होना बहुत जरूरी है और इंस्टेंट हेल्प दिला सकता है? अगर नहीं तो तुरंत जान लीजिए।
साइबर क्राइम की टीम इस मामले की जांच करते हुए हरियाणा के हिसार तक पहुंची। आरोपियों ने खुलासा करते हुए कहा कि उन्होंने साइबर फ्रॉड करने के लिए कई बैंकों में 5-6 बैंक खाते खोले थे।
साइबर ठगों ने गुजरात के तीन लोगों को ठगने की कोशिश की लेकिन सतर्कता की वजह से इन लोगों की करोड़ों की पूंजी ठगों के हाथ में जाने से बच गई।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर एक बुजुर्ग महिला से डेढ़ करोड़ रुपये ठगने की कोशिश की। बैंक अधिकारियों की सतर्कता से समय रहते पुलिस को सूचना दी गई और महिला ठगी का शिकार होने से बच गई।
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