कोलंबो: श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने रविवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर भारत और हिंदुओं को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी धार्मिक परंपराएं समाज में सद्भाव और करुणा को बढ़ावा देने में मदद करती हैं। राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा, "अज्ञान के अंधकार को दूर करने और ज्ञान के प्रकाश को प्रज्वलित करने की आशा के साथ, हिंदुओं द्वारा विश्व भर में श्रद्धापूर्वक मनाई जाने वाली पवित्र महाशिवरात्रि आज पड़ रही है। इस दौरान उन्होंने सभी को बधाई दी।
दिसानायके ने "महाशिवरात्रि को एक "शुभ अवसर" बताया। उन्होंने कहा कि इस दिन हिंदू भक्त भगवान शिव को पूजा और श्रद्धा अर्पित करते हैं। यह भगवान शिव और देवी पार्वती के "दिव्य मिलन" तथा भगवान शिव द्वारा किए गए आकाशीय नृत्य "तांडव" की स्मृति है। इसके माध्यम से यह दुनिया और मानव जीवन में "अज्ञान के अंधकार" पर विजय का प्रतीक है। दिसानायके ने कहा, "मैं दृढ़ता से मानता हूं कि ऐसी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं एक अनुशासित और करुणामय समाज के निर्माण में बहुत महत्वपूर्ण हैं, जो सभी मानवीय बंधनों का सम्मान करता है।"
दिसानायके ने कहा, "महाशिवरात्रि के पवित्र अनुष्ठान अहंकार को दूर करते हैं और हृदय तथा मन में आध्यात्मिक चेतना को जागृत करते हैं, जो हमें सत्यनिष्ठा, उदारता और क्षमा जैसे उच्च गुणों के अनुसार जीवन जीने के लिए आमंत्रित करते हैं। उन्होंने आगे कहा, "जैसे महाशिवरात्रि के दीप हमारे हृदयों को रोशन करते हैं, मैं सभी को आमंत्रित करता हूं कि हम एक साथ आएं, हमारे चुने हुए मार्ग को और स्पष्ट करें और उस पर आगे बढ़ें। उन्होंने द्वीप राष्ट्र में और विश्व भर में हिंदुओं की "उच्च आकांक्षाओं" की पूर्ति की कामना भी की। बता दें कि 2024-25 की नवीनतम जनगणना के अनुसार श्रीलंका में हिंदू दूसरा सबसे बड़ा धार्मिक समूह हैं, जो कुल आबादी का 12 प्रतिशत से अधिक हैं।
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