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बांग्लादेश में विपक्षी पार्टी को वोट देने पर महिला के साथ गैंगरेप, पति को रस्सी में बांधकर सामने ही लूटी इज्जत

 Published : Feb 15, 2026 11:11 am IST,  Updated : Feb 15, 2026 11:11 am IST

बांग्लादेश में चुनाव परिणाम के दिन 32 साल की एक महिला का इसलिए गैंगरेप कर दिया गया कि उसने विपक्षी पार्टी को वोट कर दिया। जमात के लीडर शफीकुर रहमान ने एक्स एकाउंट पर महिला के साथ हई रेप की घटना की कड़ी निंदा की है।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
प्रतीकात्मक फोटो Image Source : AFP

ढाकाः बांग्लादेश में विपक्षी पार्टी को वोट देने पर 32 वर्षीय एक महिला के साथ गैंगरेप की सनसनीखेज घटना सामने आई है। 3 बच्चों की मां का उसके पति को रस्सी से बांधकर सामने ही गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया। इस दिल दहला देने वाली घटना ने बांग्लादेश में एक बार फिर दहशत का माहौल कायम कर दिया है। पीड़ित महिला ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की है। यह घटना हातिया, नोआखाली में घटित हुई है। आरोप है कि नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) के उम्मीदवार को वोट देने पर महिला के साथ जघन्यतम तरीके से गैंगरेप किया गया।

जमात के नेता शफीकुर रहमान ने की घटना की निंदा

इस घटना के बाद जमात-ए-इस्लामी के चेयरमैन शफीकुर रहमान ने घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने एक्स पर लिखा, "मैं वाकई शब्दों की कमी महसूस कर रहा हूं। हातिया, नोआखाली में, तीन बच्चों की 32 वर्षीय मां ने आरोप लगाया है कि उन्होंने नेशनल सिटीजन पार्टी को वोट दिया था, इसके बदले उनके साथ बलात्कार किया गया। 

रात 11 बजे महिला के घर में घुसकर जबरन रेप

शफीकुर रहमान ने लिखा है कि शिकायत के अनुसार शुक्रवार, 13 फरवरी को रात करीब 11:00 बजे चानंदी यूनियन के वार्ड नंबर 9 में धनशिदी आश्रयन प्रोजेक्ट में कई व्यक्ति उनके घर में घुसे, उनके पति को बांध दिया और उन पर हमला किया। कथित तौर पर इस पार्टी (एनसीपी) को वोट देने का आरोप लगाते हुए महिला का पति के सामने ही गैंगरेप किया। घटना के बाद महिला को शनिवार दोपहर नोआखाली जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉ. मुस्तफिजुर रहमान ने घटना की पुष्टि की है। महिला का इलाज चल रहा है। पुलिस को सूचित कर दिया गया है।

बदले की ऐसी राजनीति नहीं चलेगी

शफीकुर रहमान ने आगे लिखा कि पूरे अपने अभियान के दौरान, मैंने वादा किया था कि बदले की राजनीति नहीं होगी और कानून का शासन वैकल्पिक नहीं, बल्कि आधारभूत है। जो रिपोर्ट आई है, वह राजनीति नहीं है, यह कानूनहीनता है और इसे तुरंत रोकना होगा। इस देश के हर नागरिक को बिना किसी डर, धमकी या हिंसा के स्वतंत्र रूप से वोट देने और अपनी पसंद चुनने का पूर्ण अधिकार है। यह अधिकार पवित्र है और किसी व्यक्ति, समूह या पार्टी को इसे प्रयोग करने के लिए किसी को सजा देने का कोई अधिकार नहीं है।

शफीकुर रहमान ने की पीड़िता से बात

शफीकुर रहमान ने लिखा, "मैंने पीड़िता और उनके परिवार से सीधे बात की है और जो उन्होंने सहा है, उससे मैं गहराई से दुखी हूं। मैं व्यक्तिगत रूप से बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के चेयरमैन को सबसे मजबूत शब्दों में यह संदेश दूंगा कि उनकी पार्टी के सदस्यों से ऐसी हरकतों को रोकने के लिए बहुत अधिक प्रयास करने होंगे। नेतृत्व में अनुशासन और जवाबदेही की मांग होती है। हम ऐसी संस्कृति को पनपने नहीं देंगे जहां नागरिकों को कानून के बाहर खुद की रक्षा करनी पड़े। हमारे संस्थानों के माध्यम से दृढ़ता से, तेजी से और बिना किसी डर या पक्षपात के न्याय दिया जाना चाहिए।"

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