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मेटा की मुश्किलें बढ़ीं, न्यू मैक्सिको कोर्ट ने 567 मिलियन अमेरिकी डॉलर का पेमेंट करने का आदेश दिया

 Written By: Shakti Singh
 Published : Aug 07, 2026 06:43 am IST,  Updated : Aug 07, 2026 06:43 am IST

मेटा को न्यू मैक्सिको कोर्ट ने 567 मिलियन अमेरिकी डॉलर का पेमेंट करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने माना कि मेटा ने जानकारी छिपाई। इससे बच्चों को नुकसान हुआ और अब उनके इलाज के लिए कंपनी पेमेंट करेगी।

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मार्क जुकरबर्ग Image Source : PTI

इंस्टाग्राम और फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा की मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही हैं। न्यू मेक्सिको की एक कोर्ट ने कंपनी को 567 मिलियन अमेरिकी डॉलर (5404 करोड़ रुपये) का पेमेंट करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि मेटा के प्लेटफॉर्म से युवाओं को नुकसान हो रहा है। इसकी भरपाई करने के लिए कंपनी पेमेंट करे। यह एक अहम ट्रायल का दूसरा फेज है, जिसे सोशल मीडिया कंपनी मार्च में हार गई थी।

 
गुरुवार देर रात फैसला सुनाते हुए जज ब्रायन बिडचेड ने कहा कि ज्यादातर पैसा युवाओं के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। बाकी पैसा अगले पांच सालों में जागरूकता और रोकथाम, स्क्रीनिंग सर्विस और दूसरे खर्चों पर खर्च किया जाएगा। युवाओं के इलाज में 420 मिलियन अमेरिकी डॉलर (4003 करोड़ रुपये) खर्च किए जाएंगे।

मेटा पर बच्चों की मेंटल हेल्थ को नुकसान पहुंचाने के आरोप

पहले फेज में, जूरी ने मेटा के खिलाफ 375 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सिविल पेनल्टी लगाने का आदेश दिया था। आदेश देने से पहले कोर्ट ने माना था कि सोशल मीडिया कंपनी ने जानबूझकर बच्चों की मेंटल हेल्थ को नुकसान पहुंचाया और अपने प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण के बारे में जानकारी छिपाई। दूसरे फेज में, प्रॉसिक्यूटर ने जज से मेटा में बुनियादी बदलाव करने के लिए कहा था, जिसका मकसद नशे की लत वाले फीचर्स पर लगाम लगाना, उम्र की जांच में सुधार करना और डिफॉल्ट प्राइवेसी सेटिंग्स और कड़ी निगरानी के जरिए बच्चों के यौन शोषण को रोकना है।

ऐज वेरिफिकेशन को लेकर कोर्ट की टिप्पणी

कोर्ट ने कहा कि फेडरल चिल्ड्रन प्राइवेसी कानून मेटा को 13 साल से कम उम्र के बच्चों पर एज-वेरिफिकेशन टूल इस्तेमाल करने से रोकते हैं। चिल्ड्रन्स ऑनलाइन प्राइवेसी एक्ट का मतलब है कि वह मेटा को बच्चों से पर्सनल डेटा जमा करने या ऑनलाइन पैसिवली ट्रैक करने का अनुरोध करने का आदेश नहीं दे सकता, भले ही उम्र वेरिफिकेशन के लिए ही क्यों न हो। कोर्ट ने यह भी कहा कि मेटा को सिर्फ मेटा के लिए बच्चों की उम्र वेरिफाई करने का आदेश देना, न कि दूसरी सोशल मीडिया कंपनियों के लिए, कंपनी के लिए गलत और बहुत ज्यादा नुकसानदायक होगा। (इनपुट-एपी)

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