Surya Nakshatra Parivartan: सूर्य ग्रह फरवरी के महीने में राहु के स्वामित्व वाले नक्षत्र शतभिषा में गोचर करेंगे। सूर्य का यह गोचर सूर्य ग्रहण के एक दिन बाद यानि 19 फरवरी को होगा। आपको बता दें कि 17 फरवरी को साल का पहला सूर्य ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लगने जा रहा है। वहीं ग्रहण के बाद सूर्य का राहु के नक्षत्र में प्रवेश करना कुछ राशियों के लिए प्रतिकूल साबित हो सकता है। ये राशियां कौन-कौन सी हैं और क्या उपाय इनको सूर्य के नक्षत्र परिवर्तन के बाद करने चाहिए, आइए जानते हैं।
सूर्य का नक्षत्र बदलना आपके लिए उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। कर्क राशि के जातकों को वाहन आदि चलाते समय सावधानी बरतने की जरूरत होगी। धन से जुड़े मामलों को लेकर किसी पर भी आवश्यकता से अधिक विश्वास न करें नहीं तो धोखा मिल सकता है। उपाय के तौर पर आपको सूर्य ग्रह के बीज मंत्र 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः' का जप करना चाहिए।
कार्यक्षेत्र में आपको संभलकर रहना होगा। ऑफिस में होने वाली राजनीति से जितना दूर रहेंगे उतना ही आपके लिए हितकारी रहेगा। इस राशि के जातकों को शत्रु पक्ष से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। परिवार के लोगों के साथ बातचीत के दौरान शब्दों का इस्तेमाल सोच-समझकर करें। उन लोगों से दूरी बनाएं जो हमेशा नकारात्मक बातें करते रहते हैं, वरना मुसीबत में पड़ सकते हैं। उपाय के तौर पर आपको सूर्य देव को जल का अर्घ्य देना चाहिए।
राहु के नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश करना आपके लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता। आपके आत्मविश्वास में कमी आ सकती है और आप बहुत अधिक भावुक हो सकते हैं। यात्राओं के दौरान सतर्कता बरतने की आपको आवश्यकता होगी नहीं तो दुर्घटना हो सकती है। करियर से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला बिना सलाह किए न लें वरना दिक्कतें आपको हो सकती हैं। उपाय के तौर पर आपको 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' मंत्र का जप करना चाहिए।
मीन राशि के जातकों सूर्य के नक्षत्र परिवर्तन के बाद आपको अपनी जीवनशैली में बदलाव लाने की आवश्यकता होगी नहीं तो सेहत से जुड़ी समस्याएं आपको हो सकती है। आर्थिक पक्ष भी डगमगा सकता है इसलिए बजट बनाकर खर्च करें और बेवजह की चीजों पर धन का व्यय करने से बचें। आक्रामकता और गुस्सा आप पर हानि हो सकता है इसलिए संभलकर रहें। उपाय के तौर पर आपको तांबे के बर्तन में पानी पीना चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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