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क्या रात में देर से सोने से वजन कम करना हो जाता है मुश्किल? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Feb 15, 2026 05:25 pm IST,  Updated : Feb 15, 2026 05:25 pm IST

रात में देर से सोने या नींद पूरी न होने से वजन कम करना निश्चित रूप से मुश्किल हो जाता है। चलिए एक्सपर्ट से जानते हैं ऐसा क्यों होता है?

 मोटापा कम करने के लिए कैसे सोना चाहिए- India TV Hindi
मोटापा कम करने के लिए कैसे सोना चाहिए Image Source : UNSPLASH

आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में देर रात तक जागना आम बात हो गई है। मोबाइल, ओटीटी प्लेटफॉर्म और काम का बढ़ता दबाव लोगों की नींद का समय कम कर रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी नींद का सीधा असर आपके वजन पर पड़ता है? लगातार देर रात सोना वजन कम करने की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है और मोटापे का जोखिम बढ़ा सकता है। मैक क्योर हॉस्पिटल में न्यूट्रिशन और डाइटिशियन सुख सबिया, बता रही है कि आखिर देर रात में सोने पर वजन क्यों कम नहीं होता है? 

नींद की कमी और मेटाबॉलिज्म पर असर

जब हम समय पर नींद नहीं लेते तो शरीर का मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है। नींद की कमी से शरीर में कॉर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है, जिससे फैट स्टोरेज बढ़ सकती है। इसके अलावा, इंसुलिन सेंसिटिविटी भी कम होने लगती है, जिससे शरीर शुगर को सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता। यह स्थिति वजन बढ़ने और खासतौर पर पेट की चर्बी जमा होने का कारण बन सकती है।

भूख नियंत्रित करने वाले हार्मोन पर प्रभाव

देर रात तक जागने का असर हमारे भूख नियंत्रित करने वाले हार्मोन पर भी पड़ता है। नींद कम लेने से घ्रेलिन (भूख बढ़ाने वाला हार्मोन) का स्तर बढ़ जाता है, जबकि लेप्टिन (भूख नियंत्रित करने वाला हार्मोन) का स्तर घट जाता है। इसके कारण व्यक्ति को अधिक भूख लगती है और अक्सर मीठा, तला-भुना या जंक फूड खाने की इच्छा बढ़ जाती है। देर रात तक जागने वाले लोग अक्सर अनहेल्दी स्नैकिंग करते हैं, जिससे कैलोरी इनटेक बढ़ जाता है और वजन कम करना मुश्किल हो जाता है।

देर रात भोजन क्यों है नुकसानदायक?

जो लोग देर तक जागते हैं, वे अक्सर रात में भारी भोजन कर लेते हैं। रात के समय शरीर की कैलोरी बर्न करने की क्षमता अपेक्षाकृत कम होती है, जिससे देर रात खाया गया भोजन फैट के रूप में जमा हो सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सोने से कम से कम 2–3 घंटे पहले डिनर कर लेना चाहिए और भोजन हल्का व संतुलित होना चाहिए।

सर्कैडियन रिद्म और वजन का संबंध

हमारा शरीर एक जैविक घड़ी, यानी सर्कैडियन रिद्म, के अनुसार काम करता है। जब हम लगातार देर से सोते हैं और नींद का समय अनियमित रखते हैं, तो यह रिद्म बिगड़ जाती है। इससे हार्मोनल असंतुलन हो सकता है, जो वजन घटाने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है। नियमित समय पर सोना और जागना वजन प्रबंधन के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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