रात के खाने में चावल खाना सही है या नहीं, इस सवाल को लेकर अक्सर लोग कन्फ्यूज़ रहते हैं। आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में, जब लोग देर से डिनर करते हैं, तब यह जानना बेहद ज़रूरी हो जाता है कि डिनर में चावल का सेवन सेहत पर कितना भारी पड़ सकता है और किन लोगों को इसे रात में खाने से परहेज करना चाहिए।
रात को चावल खाने से हो सकती हैं ये परेशानियां
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वजन बढ़ता है: चावल में कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में होता है जो शरीर को एनर्जी देता है। रात में, जब शारीरिक गतिविधि कम होती है, तो ज़्यादा कार्ब्स वाला खाना खाने से कैलोरी फैट के रूप में जमा हो सकती है। सोते समय शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे चावल से मिलने वाली कैलोरी को जलाना मुश्किल हो जाता है, जिससे वजन बढ़ सकता है।
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ब्लड शुगर बढ़ जाता है: सफेद चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज़्यादा होता है जिसका मतलब है कि यह ब्लड शुगर लेवल को तेज़ी से बढ़ाता है। रात के खाने में चावल खाना, खासकर डायबिटीज या इंसुलिन रेजिस्टेंस वाले लोगों के लिए, ब्लड शुगर में अचानक बढ़ोतरी का कारण बन सकता है। समय के साथ, इससे टाइप 2 डायबिटीज और अन्य मेटाबॉलिक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
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अपच और पेट फूलने की समस्या: कई लोगों को रात में चावल खाने के बाद पेट फूलने और पाचन संबंधी परेशानी होती है। चावल में कार्बोहाइड्रेट होते हैं जो पाचन को धीमा कर सकते हैं। जिन लोगों का पाचन तंत्र संवेदनशील होता है, उनके लिए रात के खाने में चावल खाने से एसिडिटी, गैस या धीमा पाचन हो सकता है।
रात के खाने में चावल की जगह क्या खाएं?
रात के खाने में चावल की जगह फाइबर से भरपूर मल्टीग्रेन रोटी का सेवन करना चाहिए हैं। प्रोटीन से भरपूर क्विनोआ चावल का एक हेल्दी विकल्प है। बाजरा पचाने में आसान होता है, और इसमें चावल की तुलना में कम कार्बोहाइड्रेट होते हैं। दलिया फाइबर से भरपूर होता है और बेहतर पाचन को बढ़ावा देता है। मूंग दाल खिचड़ी एक प्रोटीन से भरपूर डिश जिसे दाल और सब्जियों के साथ बनाया जा सकता है। पोषक तत्वों से भरपूर सब्जी का सूप सब्जियां शरीर को हल्का रखने में मदद करता है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)